कैमरे में नजर आया आदमखोर गुलदार, मारने को वन कर्मियों ने संभाला मोर्चा

हरिद्वार-ऋषिकेश राजमार्ग पर रायवाला के पास एक बार फिर नरभक्षी गुलदार की लोकेशन ट्रेस हुई है। खतरे को देखते हुए पार्क प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है और सुरक्षा कर्मियों ने उसे ढेर करने के लिए मोर्चाबंदी कर दी। वहीं, आसपास के क्षेत्र के लोगों में दहशत है। हरिद्वार-ऋषिकेश राजमार्ग पर रायवाला के पास एक बार फिर नरभक्षी गुलदार की लोकेशन ट्रेस हुई है। खतरे को देखते हुए पार्क प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है और सुरक्षा कर्मियों ने उसे ढेर करने के लिए मोर्चाबंदी कर दी। वहीं, आसपास के क्षेत्र के लोगों में दहशत है।    देर रात वनकर्मियों ने सत्यनारायण मन्दिर के पास बने मचानों में मोर्चा संभाला। दरअसल यहां एक बार फिर नरभक्षी गुलदार की लोकेशन ट्रेस हुई है। बता दें कि इस क्षेत्र में गुलदार नरभक्षी घोषित हैं। इनको मारने के लिए वन विभाग ने अनुमति ली हुई है।   एक नरभक्षी गुलदार को बीते माह 10 जुलाई को वनकर्मियों ने खांडगांव के पास ढेर कर दिया था। यहां नरभक्षी गुलदार चार साल के अंतराल में 21 लोगों को निवाला बना चुका है। वह क्षेत्र में लगे कैमरा ट्रैप में एक नरभक्षी गुलदार फिर से सत्यनारायण मंदिर के आसपास देखा गया।  गुरुवार को यहां गुलदार ने एक बकरी को मारा। जिसके बाद वनकर्मियों ने उसे ढेर करने की योजना बनाई। हाथी सवार टीम मोर्चा संभाले हुए है। पार्क निदेशक सनातन खुद टीम में शामिल हैं। हालांकि इस बारे में पार्क अधिकारियों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिल सकी।   कैमरे से पता चला कि युवक को गुलदार ने बनाया निवाला यह भी पढ़ें आबादी क्षेत्र में घुसा गुलदार  ऋषिकेश बैराज मार्ग पर काली कमली कुटिया के समीप एक गुलदार ने सड़क पार कर आवास-विकास के आबादी क्षेत्र में प्रवेश किया। मगर इसके बाद गुलदार का कुछ पता नहीं चल पाया।   आतंक का पर्याय बने नरभक्षी गुलदार को वन कर्मियों ने मारी गोली यह भी पढ़ें जानकारी के मुताबिक रात्रि करीब 11:00 बजे ऋषिकेश बैराज मार्ग पर काली कमली कुटिया के समीप एक गुलदार अचानक सड़क पर आ गया। यहां से गुजर रहे दो पहिया और चौपहिया वाहन चालक सामने गुलदार को देख कर ठिठक गए।   गुलदार ने सड़क पार की और आवास-विकास कॉलोनी की तरफ दीवार फांदकर कूद गया। सूचना पाकर आसपास क्षेत्र में रहने वाले लोग में हड़कंप मच गया। देर रात सूचना पाकर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। क्षेत्रीय सभासद अशोक पासवान के मुताबिक वन विभाग की टीम गुलदार को आबादी क्षेत्र में सर्च किया गया। फिलहाल गुलदार का कुछ पता नहीं चल पाया है।

देर रात वनकर्मियों ने सत्यनारायण मन्दिर के पास बने मचानों में मोर्चा संभाला। दरअसल यहां एक बार फिर नरभक्षी गुलदार की लोकेशन ट्रेस हुई है। बता दें कि इस क्षेत्र में गुलदार नरभक्षी घोषित हैं। इनको मारने के लिए वन विभाग ने अनुमति ली हुई है। 

एक नरभक्षी गुलदार को बीते माह 10 जुलाई को वनकर्मियों ने खांडगांव के पास ढेर कर दिया था। यहां नरभक्षी गुलदार चार साल के अंतराल में 21 लोगों को निवाला बना चुका है। वह क्षेत्र में लगे कैमरा ट्रैप में एक नरभक्षी गुलदार फिर से सत्यनारायण मंदिर के आसपास देखा गया।

गुरुवार को यहां गुलदार ने एक बकरी को मारा। जिसके बाद वनकर्मियों ने उसे ढेर करने की योजना बनाई। हाथी सवार टीम मोर्चा संभाले हुए है। पार्क निदेशक सनातन खुद टीम में शामिल हैं। हालांकि इस बारे में पार्क अधिकारियों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

आबादी क्षेत्र में घुसा गुलदार

ऋषिकेश बैराज मार्ग पर काली कमली कुटिया के समीप एक गुलदार ने सड़क पार कर आवास-विकास के आबादी क्षेत्र में प्रवेश किया। मगर इसके बाद गुलदार का कुछ पता नहीं चल पाया।

जानकारी के मुताबिक रात्रि करीब 11:00 बजे ऋषिकेश बैराज मार्ग पर काली कमली कुटिया के समीप एक गुलदार अचानक सड़क पर आ गया। यहां से गुजर रहे दो पहिया और चौपहिया वाहन चालक सामने गुलदार को देख कर ठिठक गए। 

गुलदार ने सड़क पार की और आवास-विकास कॉलोनी की तरफ दीवार फांदकर कूद गया। सूचना पाकर आसपास क्षेत्र में रहने वाले लोग में हड़कंप मच गया। देर रात सूचना पाकर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। क्षेत्रीय सभासद अशोक पासवान के मुताबिक वन विभाग की टीम गुलदार को आबादी क्षेत्र में सर्च किया गया। फिलहाल गुलदार का कुछ पता नहीं चल पाया है।

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