टिहरी में भूस्खलन से दो मकान ध्वस्त, छह की मौत; एक लापता

लगातार बारिश से नदी-नालों का उफान और भूस्खलन जानलेवा साबित हो रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक नुकसान का दौर जारी है। टिहरी के भिलंगना क्षेत्र में दो मकान भूस्खलन के मलबे की चपेट में आकर जमींदोज हो गए। इसमें आठ लोग दब गए। अभी तक छह शव निकाले जा चुके हैं। वहीं, एक बच्ची को जिंदा निकाल लिया गया। चमोली जिले में पिंडर नदी के कटाव से हो रहे भूस्खलन के कारण पांच दुकानें जमींदोज हो गईं।  लगातार बारिश से नदी-नालों का उफान और भूस्खलन जानलेवा साबित हो रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक नुकसान का दौर जारी है। टिहरी के भिलंगना क्षेत्र में दो मकान भूस्खलन के मलबे की चपेट में आकर जमींदोज हो गए। इसमें आठ लोग दब गए। अभी तक छह शव निकाले जा चुके हैं। वहीं, एक बच्ची को जिंदा निकाल लिया गया। चमोली जिले में पिंडर नदी के कटाव से हो रहे भूस्खलन के कारण पांच दुकानें जमींदोज हो गईं।     टिहरी जनपद के भिलंगना के दूरस्थ गांव कोट बिशन में तड़के करीब चार बजे भारी बारिश से दो मकान ध्वस्त हो गए। सूचना पर एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम गांव में रेस्क्यू को पहुंच गई। स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही एसडीआरएफ, प्रशासन की टीम मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी रही।      एसडीएम पीआर चौहान के अनुसार अभी तक छह शव निकाले जा चुके हैं। वहीं, एक बच्ची को मलबे से जिंदा निकाल लिया गया। अभी एक महिला लापता हैं। दूरुस्थ क्षेत्र होने के कारण वहां संपर्क नही हो पा रहा है।   उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी, भूस्खलन से बंद यमुनोत्री हाईवे खुला; मकान ध्वस्त यह भी पढ़ें मृतकों के नाम  1-मोर सिंह (32वर्ष)    उत्तराखंड में आफत की बारिश, नदी-नालों में उफान; दो लोगों की मौत यह भी पढ़ें 2आशीष पुत्र मोर सिंह   3-अतुल पुत्र हुकम सिंह   उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट; यमुनोत्री हाईवे बंद यह भी पढ़ें 4- हंसा देवी (27 वर्ष)  5-संजू देवी (24 )पत्नी हुकम सिंह   बारिश से मकान ध्वस्त, सड़कें बंद; अगले 24 घंटे होगी भारी बारिश यह भी पढ़ें 6-स्वाति पुत्री राकेश सिंह   घायल   कुमारी बबली (14 वर्ष) पुत्री मोर सिंह  लापता का नाम    1-लक्ष्मी देवी धर्मपत्नी राकेश     प्रदेश में मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। समूचे उत्तराखंड में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों पर आना-जाना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश में 150 से ज्यादा संपर्क मार्गों पर आवागमन बाधित है। भूस्खलन का सर्वाधिक प्रभाव पौड़ी जिले में है। यहां 80 सड़कें बाधित हैं।     बदरीनाथ के पास लामबगड़ में हाईवे सातवें दिन भी नहीं खुल पाया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवान मलबा हटाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन लगातार दरक रही पहाड़ी के कारण मार्ग खोलना चुनौती बन गया है।     भूस्खलन प्रभावित इस भाग को यात्री पैदल ही वैकल्पिक मार्ग से पार कर रहे हैं। इसके अलावा चमोली जिले के नारायणबगड़ में पिंडर नदी का कटाव कस्बे पर भारी पड़ा। पिंडर के किनारे पांच दुकानें भरभरा कर ढह गईं।   शुक्र यह रहा कि उस वक्त दुकानों में कोई नहीं था। दूसरी ओर हरिद्वार के लक्सर में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तटबंध क्षतिग्रस्त होने से गंगा का पानी खेतों में जा घुसा, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे हेल्गुगाड के पास मलबा आने से बंद हो गया। वहीं, यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट में अभी भी बंद है।   दूसरी ओर कुमाऊं में मौसम का मिजाज सोमवार रात से गड़बड़ाया हुआ है। पिथौरागढ़ में मुनस्यारी के थापा गांव में भारी बारिश से भू-स्खलन हो गया। दो मकान धराशायी हो गए, जिसमें एक बाइक दब गई। सात परिवारों को रात में ही प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया।    नैनीताल जिले में बीती रात हुई तेज बारिश से मल्लीताल में सनवाल पब्लिक स्कूल के पीछे भूस्खलन हो गया और खेल मैदान का मलबा टिन से बने कक्षा कक्ष में जा घुसा। मलबा पूरी क्लास में जमा हुआ है। गनीमत रही कि घटना रात को हुई।   स्कूल प्रबंधन ने खतरे को देखते हुए आज अवकाश घोषित कर दिया है। उधर बारिश से जिले में एक स्टेट हाइवे समेत दस ग्रामीण मार्ग बंद हैं। इसमें भोर्सा-पिनरौ, देवीपुरा-सौंड़, काठगोदाम- हैड़ाखान, गर्जिया-बेतालघाट, ओखलाढुंगा-तल्लीसेठी, रानीकोटा-गोतिया, पशयां, तपुआ-बबियाड़, हरीनगर-चंदादेवी आदि शामिल हैं।  भीमताल मार्ग पर तीन जगह दरारें, धंसने का खतरा  नैनीताल की लोअर मालरोड़ की तरह भीमताल हल्द्वानी मोटर मार्ग का एक बड़ा हिस्सा झील में समा सकता है। भीमताल और आसपास के क्षेत्र में भारी बरसात के चलते मल्लीताल के बाईपास डायवर्जन से तल्लीताल पंत पार्क तक तीन स्थानों पर दरारें दिख रही हैं। ये मार्ग तीन स्थानों पर धंसा हुआ है।   हल्द्वानी-भीमताल मार्ग का लगभग डेढ़ किमी हिस्सा झील की दीवार पर टिका है। इस दीवार की मरम्मत न होने से जगह-जगह पत्थर आदि निकल आए हैं। ऐसे में दीवार के क्षतिग्रस्त होते ही सड़क के झील में विलीन होने का अंदेशा बढ़ता जा रहा है।   इस मार्ग पर सुबह से रात तक कई सौ वाहन रोज गुजरते हैं। इससे इस मार्ग पर लोड भी अधिक है। इस बाबत लोक निर्माण विभाग सिंचाई विभाग को झील की दीवार की मरम्मत के लिए पत्र लिख चुका है।लगातार बारिश से नदी-नालों का उफान और भूस्खलन जानलेवा साबित हो रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक नुकसान का दौर जारी है। टिहरी के भिलंगना क्षेत्र में दो मकान भूस्खलन के मलबे की चपेट में आकर जमींदोज हो गए। इसमें आठ लोग दब गए। अभी तक छह शव निकाले जा चुके हैं। वहीं, एक बच्ची को जिंदा निकाल लिया गया। चमोली जिले में पिंडर नदी के कटाव से हो रहे भूस्खलन के कारण पांच दुकानें जमींदोज हो गईं।     टिहरी जनपद के भिलंगना के दूरस्थ गांव कोट बिशन में तड़के करीब चार बजे भारी बारिश से दो मकान ध्वस्त हो गए। सूचना पर एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम गांव में रेस्क्यू को पहुंच गई। स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही एसडीआरएफ, प्रशासन की टीम मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी रही।      एसडीएम पीआर चौहान के अनुसार अभी तक छह शव निकाले जा चुके हैं। वहीं, एक बच्ची को मलबे से जिंदा निकाल लिया गया। अभी एक महिला लापता हैं। दूरुस्थ क्षेत्र होने के कारण वहां संपर्क नही हो पा रहा है।   उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी, भूस्खलन से बंद यमुनोत्री हाईवे खुला; मकान ध्वस्त यह भी पढ़ें मृतकों के नाम  1-मोर सिंह (32वर्ष)    उत्तराखंड में आफत की बारिश, नदी-नालों में उफान; दो लोगों की मौत यह भी पढ़ें 2आशीष पुत्र मोर सिंह   3-अतुल पुत्र हुकम सिंह   उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट; यमुनोत्री हाईवे बंद यह भी पढ़ें 4- हंसा देवी (27 वर्ष)  5-संजू देवी (24 )पत्नी हुकम सिंह   बारिश से मकान ध्वस्त, सड़कें बंद; अगले 24 घंटे होगी भारी बारिश यह भी पढ़ें 6-स्वाति पुत्री राकेश सिंह   घायल   कुमारी बबली (14 वर्ष) पुत्री मोर सिंह  लापता का नाम    1-लक्ष्मी देवी धर्मपत्नी राकेश     प्रदेश में मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। समूचे उत्तराखंड में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों पर आना-जाना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश में 150 से ज्यादा संपर्क मार्गों पर आवागमन बाधित है। भूस्खलन का सर्वाधिक प्रभाव पौड़ी जिले में है। यहां 80 सड़कें बाधित हैं।     बदरीनाथ के पास लामबगड़ में हाईवे सातवें दिन भी नहीं खुल पाया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवान मलबा हटाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन लगातार दरक रही पहाड़ी के कारण मार्ग खोलना चुनौती बन गया है।     भूस्खलन प्रभावित इस भाग को यात्री पैदल ही वैकल्पिक मार्ग से पार कर रहे हैं। इसके अलावा चमोली जिले के नारायणबगड़ में पिंडर नदी का कटाव कस्बे पर भारी पड़ा। पिंडर के किनारे पांच दुकानें भरभरा कर ढह गईं।   शुक्र यह रहा कि उस वक्त दुकानों में कोई नहीं था। दूसरी ओर हरिद्वार के लक्सर में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तटबंध क्षतिग्रस्त होने से गंगा का पानी खेतों में जा घुसा, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे हेल्गुगाड के पास मलबा आने से बंद हो गया। वहीं, यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट में अभी भी बंद है।   दूसरी ओर कुमाऊं में मौसम का मिजाज सोमवार रात से गड़बड़ाया हुआ है। पिथौरागढ़ में मुनस्यारी के थापा गांव में भारी बारिश से भू-स्खलन हो गया। दो मकान धराशायी हो गए, जिसमें एक बाइक दब गई। सात परिवारों को रात में ही प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया।    नैनीताल जिले में बीती रात हुई तेज बारिश से मल्लीताल में सनवाल पब्लिक स्कूल के पीछे भूस्खलन हो गया और खेल मैदान का मलबा टिन से बने कक्षा कक्ष में जा घुसा। मलबा पूरी क्लास में जमा हुआ है। गनीमत रही कि घटना रात को हुई।   स्कूल प्रबंधन ने खतरे को देखते हुए आज अवकाश घोषित कर दिया है। उधर बारिश से जिले में एक स्टेट हाइवे समेत दस ग्रामीण मार्ग बंद हैं। इसमें भोर्सा-पिनरौ, देवीपुरा-सौंड़, काठगोदाम- हैड़ाखान, गर्जिया-बेतालघाट, ओखलाढुंगा-तल्लीसेठी, रानीकोटा-गोतिया, पशयां, तपुआ-बबियाड़, हरीनगर-चंदादेवी आदि शामिल हैं।  भीमताल मार्ग पर तीन जगह दरारें, धंसने का खतरा  नैनीताल की लोअर मालरोड़ की तरह भीमताल हल्द्वानी मोटर मार्ग का एक बड़ा हिस्सा झील में समा सकता है। भीमताल और आसपास के क्षेत्र में भारी बरसात के चलते मल्लीताल के बाईपास डायवर्जन से तल्लीताल पंत पार्क तक तीन स्थानों पर दरारें दिख रही हैं। ये मार्ग तीन स्थानों पर धंसा हुआ है।   हल्द्वानी-भीमताल मार्ग का लगभग डेढ़ किमी हिस्सा झील की दीवार पर टिका है। इस दीवार की मरम्मत न होने से जगह-जगह पत्थर आदि निकल आए हैं। ऐसे में दीवार के क्षतिग्रस्त होते ही सड़क के झील में विलीन होने का अंदेशा बढ़ता जा रहा है।   इस मार्ग पर सुबह से रात तक कई सौ वाहन रोज गुजरते हैं। इससे इस मार्ग पर लोड भी अधिक है। इस बाबत लोक निर्माण विभाग सिंचाई विभाग को झील की दीवार की मरम्मत के लिए पत्र लिख चुका है।

टिहरी जनपद के भिलंगना के दूरस्थ गांव कोट बिशन में तड़के करीब चार बजे भारी बारिश से दो मकान ध्वस्त हो गए। सूचना पर एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम गांव में रेस्क्यू को पहुंच गई। स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही एसडीआरएफ, प्रशासन की टीम मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी रही।  

एसडीएम पीआर चौहान के अनुसार अभी तक छह शव निकाले जा चुके हैं। वहीं, एक बच्ची को मलबे से जिंदा निकाल लिया गया। अभी एक महिला लापता हैं। दूरुस्थ क्षेत्र होने के कारण वहां संपर्क नही हो पा रहा है।

मृतकों के नाम

1-मोर सिंह (32वर्ष) 

2आशीष पुत्र मोर सिंह 

3-अतुल पुत्र हुकम सिंह

4- हंसा देवी (27 वर्ष)

5-संजू देवी (24 )पत्नी हुकम सिंह

6-स्वाति पुत्री राकेश सिंह 

घायल 

कुमारी बबली (14 वर्ष) पुत्री मोर सिंह

लापता का नाम  

1-लक्ष्मी देवी धर्मपत्नी राकेश 

प्रदेश में मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। समूचे उत्तराखंड में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों पर आना-जाना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश में 150 से ज्यादा संपर्क मार्गों पर आवागमन बाधित है। भूस्खलन का सर्वाधिक प्रभाव पौड़ी जिले में है। यहां 80 सड़कें बाधित हैं। 

बदरीनाथ के पास लामबगड़ में हाईवे सातवें दिन भी नहीं खुल पाया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवान मलबा हटाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन लगातार दरक रही पहाड़ी के कारण मार्ग खोलना चुनौती बन गया है। 

भूस्खलन प्रभावित इस भाग को यात्री पैदल ही वैकल्पिक मार्ग से पार कर रहे हैं। इसके अलावा चमोली जिले के नारायणबगड़ में पिंडर नदी का कटाव कस्बे पर भारी पड़ा। पिंडर के किनारे पांच दुकानें भरभरा कर ढह गईं। 

शुक्र यह रहा कि उस वक्त दुकानों में कोई नहीं था। दूसरी ओर हरिद्वार के लक्सर में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तटबंध क्षतिग्रस्त होने से गंगा का पानी खेतों में जा घुसा, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे हेल्गुगाड के पास मलबा आने से बंद हो गया। वहीं, यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट में अभी भी बंद है। 

दूसरी ओर कुमाऊं में मौसम का मिजाज सोमवार रात से गड़बड़ाया हुआ है। पिथौरागढ़ में मुनस्यारी के थापा गांव में भारी बारिश से भू-स्खलन हो गया। दो मकान धराशायी हो गए, जिसमें एक बाइक दब गई। सात परिवारों को रात में ही प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया।

नैनीताल जिले में बीती रात हुई तेज बारिश से मल्लीताल में सनवाल पब्लिक स्कूल के पीछे भूस्खलन हो गया और खेल मैदान का मलबा टिन से बने कक्षा कक्ष में जा घुसा। मलबा पूरी क्लास में जमा हुआ है। गनीमत रही कि घटना रात को हुई। 

स्कूल प्रबंधन ने खतरे को देखते हुए आज अवकाश घोषित कर दिया है। उधर बारिश से जिले में एक स्टेट हाइवे समेत दस ग्रामीण मार्ग बंद हैं। इसमें भोर्सा-पिनरौ, देवीपुरा-सौंड़, काठगोदाम- हैड़ाखान, गर्जिया-बेतालघाट, ओखलाढुंगा-तल्लीसेठी, रानीकोटा-गोतिया, पशयां, तपुआ-बबियाड़, हरीनगर-चंदादेवी आदि शामिल हैं।

भीमताल मार्ग पर तीन जगह दरारें, धंसने का खतरा

नैनीताल की लोअर मालरोड़ की तरह भीमताल हल्द्वानी मोटर मार्ग का एक बड़ा हिस्सा झील में समा सकता है। भीमताल और आसपास के क्षेत्र में भारी बरसात के चलते मल्लीताल के बाईपास डायवर्जन से तल्लीताल पंत पार्क तक तीन स्थानों पर दरारें दिख रही हैं। ये मार्ग तीन स्थानों पर धंसा हुआ है। 

हल्द्वानी-भीमताल मार्ग का लगभग डेढ़ किमी हिस्सा झील की दीवार पर टिका है। इस दीवार की मरम्मत न होने से जगह-जगह पत्थर आदि निकल आए हैं। ऐसे में दीवार के क्षतिग्रस्त होते ही सड़क के झील में विलीन होने का अंदेशा बढ़ता जा रहा है। 

इस मार्ग पर सुबह से रात तक कई सौ वाहन रोज गुजरते हैं। इससे इस मार्ग पर लोड भी अधिक है। इस बाबत लोक निर्माण विभाग सिंचाई विभाग को झील की दीवार की मरम्मत के लिए पत्र लिख चुका है।

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