शिमला : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए राज्य का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों को गति देने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद, कांगड़ा में एक आधिकारिक बैठक में उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और राज्य में हुए नुकसान का आकलन किया। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1,500 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता की घोषणा की। एसडीआरएफ और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मंजूरी, राष्ट्रीय राजमार्गों का जीर्णोद्धार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के तहत राहत का प्रावधान और पशुधन के लिए मिनी किट भी जारी किए जाएंगे।
पीएमओ के अनुसार, कृषि समुदाय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, उन किसानों के लिए विशेष सहायता प्रदान की जाएगी, जिनके पास वर्तमान में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। यह कदम किसानों को उनकी आजीविका बहाल करने में मदद करेगा, जो बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत क्षतिग्रस्त मकानों की जियो-टैगिंग की जाएगी।
इसके अलावा, शिक्षा को निर्बाध रखने के लिए, स्कूलों को नुकसान की जानकारी देने और जियो-टैगिंग करने की सुविधा दी जाएगी। इससे शिक्षा अभियान के तहत समय पर सहायता सुनिश्चित होगी। हिमाचल में 500 से अधिक स्कूलों को नुकसान पहुंचा है, और इस कदम से उनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण में तेजी आएगी।
बाढ़ के बाद जल प्रबंधन को बेहतर करने के लिए जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। ये संरचनाएं वर्षा जल को संग्रहित और संरक्षित करने में मदद करेंगी, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा और भविष्य में जल संकट से निपटने में सहायता मिलेगी।
पीएमओ की तरफ से यह भी जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ और प्राकृतिक आपदा में मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन नियमों के तहत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है, जिसमें राज्यों को अग्रिम राशि का भुगतान भी शामिल है।
उन्होंने तत्काल राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, राज्य प्रशासन और अन्य सेवा-उन्मुख संगठनों के कर्मियों के प्रयासों की सराहना की। केंद्र सरकार राज्य के ज्ञापन और केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट के आधार पर आकलन की आगे समीक्षा करेगी।
उन्होंने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
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