नई दिल्ली : केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने सोमवार को कहा कि “राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला” पर्यावरण प्रबंधन में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
देश अब भारत को निरंतर प्रगति की ओर ले जाने के लिए अपने वैज्ञानिक संस्थानों की ओर देख रहा है। वे वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनपीएल) के 80वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला दुनिया की दूसरी ऐसी प्रयोगशाला है जिससे भारत में वायु प्रदूषण मापने वाले उपकरणों की सही और भरोसेमंद जांच हो सकेगी। इसके साथ ही उन्होंने सोलर सेल कैलिब्रेशन के लिए राष्ट्रीय प्राथमिक मानक सुविधाका भी शुभांरभ किया। यह दुनिया की पांचवीं ऐसी सुविधा है।इससे भारत अब सोलर मेट्रोलॉजी के वैश्विक शीर्ष देशों में शामिल हो गया है। सोलर सेल की जांच अब देश में ही बहुत उच्च सटीकता से हो सकेगी।इ ससे विदेशों पर निर्भरता कम, समय और पैसे की बचत होगी।
इस मौके पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि विज्ञान और तकनीक भारत के भविष्य की रीढ़ हैं।
सीएसआईआर -एनपीएल जैसी संस्थाएं नए भारत के स्मारक हैं।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों को उद्योग, स्टार्टअप और एमएसएमई के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सीएसआईआर-एनपीएल भारत के तकनीकी नेतृत्व और आत्मनिर्भर भारत के सफर में 2047 की ओर बढ़ते हुए एक निर्णायक भूमिका निभाता रहेगा।
सभा को संबोधित करते हुए, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की महानिदेशक एन. कलाइसेल्वी ने राष्ट्र की सेवा के 80 वर्ष पूरे होने पर एनपीएल परिवार को बधाई दी। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला में अब विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी पर्यावरण सुविधा और विश्व की दूसरी सर्वश्रेष्ठ सौर सेल सुविधा मौजूद है। उन्होंने संस्थान से आग्रह किया कि वह किसी एक क्षेत्र में विश्व में नंबर एक बनने का लक्ष्य निर्धारित करे।
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