नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले से बरी कर दिया गया है, जो पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और जानबूझकर फैलाया गया झूठ है। जिस मामले में उन्हें राहत मिली है, उसका शराब नीति घोटाले की मूल जांच, भ्रष्टाचार या मनी लॉन्ड्रिंग से कोई संबंध नहीं है। यह केवल प्रवर्तन निदेशालय के समन की अवहेलना से जुड़ा एक तकनीकी शिकायत मामला था, जिसे राजनीतिक हथियार बनाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए
तरुण चुग ने कहा कि सच्चाई यह है कि जब शराब नीति घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरविंद केजरीवाल को बार-बार समन भेजे, तो उन्होंने जांच से बचने की कोशिश की और समन जॉइन नहीं किए। इसी मजबूरी में जांच एजेंसी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 174 के तहत राउस एवेन्यू कोर्ट में शिकायत दर्ज करानी पड़ी। आज जिस मामले में तकनीकी आधार पर राहत मिली है, उसका शराब घोटाले की साजिश या भ्रष्टाचार से कोई लेना-देना नहीं है।
चुग ने स्पष्ट किया कि अरविंद केजरीवाल आज भी शराब घोटाले के अभियुक्त हैं और उनके खिलाफ ईडी और सीबीआई की मुख्य जांच पूरी तरह जारी है। उनके खिलाफ पर्याप्त दस्तावेज़ी और डिजिटल सबूत अदालत के रिकॉर्ड पर मौजूद हैं, जिन्हें नकारा नहीं जा सकता। तकनीकी प्रक्रियाओं की आड़ लेकर खुद को निर्दोष बताना कानून और सच दोनों का अपमान है।
तरुण चुग ने कहा कि यह भी एक स्थापित तथ्य है कि उच्चतम न्यायालय स्वयं यह टिप्पणी कर चुका है कि शराब घोटाले में भारी मात्रा में अवैध धन का लेन-देन हुआ और उसी काले धन का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव में किया। तकनीकी राहत को क्लीन चिट बताकर जनता को गुमराह करना न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि राजनीतिक बेईमानी भी है। कानून अपना काम करेगा, सबूत मौजूद हैं और दोषी को सज़ा अवश्य मिलेगी।
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