लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भारतीय संविधान स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुता जैसे मूल्यों का अमूल्य उपहार है। यही संवैधानिक मूल्य हमारे लोकतंत्र की आत्मा हैं और इन्हीं के आधार पर उत्तर प्रदेश निरंतर सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और सर्वांगीण विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा है कि प्रदेश में महिलाएँ सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन रही हैं, युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, जबकि किसान समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ संविधान हमें राष्ट्र की लंबी संवैधानिक यात्रा और लोकतंत्र की शक्ति का स्मरण कराता है। लोकतांत्रिक आदर्शों और विविधता में एकता के सिद्धांत को आधार बनाकर सरकार एक सशक्त, समृद्ध और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान के आदर्शों को आत्मसात करते हुए नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि संविधान प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निर्वहन आवश्यक है, ताकि व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयासों से राष्ट्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सके।
अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रभावना के साथ ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जाएगा।
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