भारत-ईयू समझौते के इसी साल लागू होने की संभावना: पीयूष गोयल

नई दिल्‍ली : केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि महत्वाकांक्षी भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मौजूदा वर्ष में ही लागू हो सकता है। इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते की वार्ता संपन्न होने की घोषणा के कुछ घंटों बाद उन्‍होंने यहां आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में यह बात कही।

 

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग की प्रमुख की भारत की राजकीय यात्रा पर नई दिल्‍ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एक सवाल पर गोयल ने कहा, ”हर समझौता अपने आप में खास होता है। यह एक शानदार समझौता है। इसकी कानूनी बारीकियों की जांच बहुत तेजी से की जाएगी…। हमें उम्मीद है कि हम वर्ष 2026 के भीतर ही इस समझौते के लागू होने का जश्न मनाएंगे।”

 

गोयल ने कहा कि यह समझौता दो दशकों से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद संपन्न हुआ है। यह समझौता दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था- भारत और दूसरे सबसे बड़े आर्थिक समूह- ईयू में लगभग दो अरब लोगों का बाजार तैयार करेगा। कुल मिलाकर, भारत और ईयू वैश्विक जीडीपी में 25 फीसदी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार (लगभग 33,000 अरब डॉलर) में एक-तिहाई (लगभग 11,000 अरब डॉलर) का योगदान देते हैं।

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ और भारत ने संवेदनशील मुद्दों को अलग रखते हुए एक ”संतुलित, न्यायसंगत और निष्पक्ष” मुक्त व्यापार समझौता किया है, जो भारत और यूरोपीय संघ, दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे निवेश के ढेरों अवसर खुलेंगे। इस समझौते के साथ ही यूरोपीय संघ भारत का 22वां एफटीए भागीदार बन गया है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत के 93 फीसदी निर्यात को यूरोपीय संघ में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि वहां से लग्जरी कारों और वाइन का आयात भारत में सस्ता हो जाएगा।

 

उल्‍लेखनीय है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने 2014 से अब तक मॉरीशस, यूएई, ब्रिटेन, ईएफटीए, ओमान और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापारिक समझौते किए हैं और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार सौदे की घोषणा की है। इससे पहले आज दिन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ (ईयू) ने इस समझौते के लिए बातचीत पूरी करने की घोषणा की, जिसे ‘अब तक का सबसे बड़ा समझौता’ बताया जा रहा है।

 

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