नागपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में स्वायत्त एवं स्वतंत्र पशु चिकित्सा परिषद् की स्थापना समय की आवश्यकता है।
महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित आज एक कार्यक्रम में डॉ. भागवत ने कहा कि जिस कार्य का जो विशेषज्ञ होता है, वही उसे बेहतर ढंग से कर सकता है। जैसे खेल के क्षेत्र में खिलाड़ियों और प्रशिक्षित कोच की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार पशु विज्ञान जैसे जटिल क्षेत्र में संबंधित ज्ञान और अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों को निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “विशिष्ट कार्य संबंधित विशेषज्ञों को ही सौंपा जाना चाहिए, अन्यथा कार्य प्रभावित हो सकता है।”
पशुओं की गहन समझ तथा उनके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए पशु चिकित्सकों और पशु चिकित्सा विज्ञान की भूमिका महत्वपूर्ण है, इस पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विशेषज्ञों का सहयोग सभी स्तरों पर प्राप्त होना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विचार केवल इसलिए नहीं रखा जा रहा है कि वे पशु चिकित्सक हैं, बल्कि यह अनुभव है कि जिन क्षेत्रों में योग्य और विशेषज्ञ व्यक्तियों को जिम्मेदारी दी जाती है, वे क्षेत्र तीव्र गति से प्रगति करते हैं। पशु चिकित्सा क्षेत्र में सुधार, सुदृढ़ नीति निर्माण तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समर्पित और स्वतंत्र परिषद की स्थापना आवश्यक है। इसके माध्यम से पशु स्वास्थ्य सेवाओं, प्रबंधन संरचना और व्यावसायिक मानकों को अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
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