एनसीआर के विभिन्न स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले गैंग के छह बदमाश गिरफ्तार, ऑनलाइन बेटिंग के जरिए भी करते थे ठगी

नोएडा : उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल (नोएडा यूनिट) नै बीती रात को एनसीआर के विभिन्न नामी निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले गैंग के छह लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग ऑनलाइन बेटिंग के जरिए ठगी भी करते थे। आरोपितों के कब्जे से वह मोबाइल फोन भी मिला है जो नोएडा के विभिन्न स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल से जुड़े रिकवरी मेल में प्रयोग किया गया था।

 

अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में नेपाल और भारत के नागरिक शामिल हैं। आरोपित गाजियाबाद के इंदिरापुरम और शाहबेरी क्षेत्र में रहकर कॉल सेंटर के रूप में अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

 

जांच में सामने आया कि धमकी भरा मेल यूएसए से ओरिजिनेट हुआ था। हालांकि तकनीकी पड़ताल में यह भी पता चला कि उससे जुड़ा रिकवरी ई-मेल बांग्लादेश और भारत से लिंक था। आगे की जांच में रिकवरी मेल का कनेक्शन थाना बिसरख क्षेत्र के शाहबेरी इलाके से जुड़ा पाया गया। इसी के आधार पर एसटीएफ ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

 

उन्होंने बताया कि एसटीएफ टीम ने शाहबेरी स्थित आरोपितों के संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारा तो वहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए। पूछताछ के लिए सभी संदिग्धों को एसटीएफ कार्यालय लाया गया। गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपित अवैध ऑनलाइन बेटिंग एप्स के लिए कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यह गिरोह अमेरिकी नामों से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर ग्राहकों से संपर्क करता था। मोबाइल और लैपटॉप में बड़ी संख्या में ऐसी ई-मेल आईडी लॉगिन मिलीं। आरोपित वीपीएन और फेक जीपीएस लोकेशन ऐप का इस्तेमाल कर अपनी वास्तविक लोकेशन छिपाते थे। यह लोग मुख्य रूप से अमेरिका, भारत और नेपाल के नागरिकों को ऑनलाइन बेटिंग में निवेश के लिए प्रेरित करते थे। लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल की जाती थी। आरोपितों द्वारा कई ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म को टेक सपोर्ट भी दिया जा रहा था।

 

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में अमीष जंग कारकी (नेपाल), अनन्त कुमार (आगरा), दिव्यांशु (बिहार), साहिल कुमार (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल) और केदारनाथ (नेपाल) शामिल हैं। इनके पास से चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, 16 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, एक चेकबुक, नेपाली पैन कार्ड, नागरिकता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और 19 हजार 500 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद हुई है।

 

पूछताछ में मुख्य आरोपित अमीष ने बताया कि वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है। उसने 2019-20 में ऑस्ट्रेलिया से बीबीए किया है। वर्ष 2023 में उसने देवराज नामक व्यक्ति के साथ गेममानो कंपनी में काम किया था। सोशल मीडिया के जरिए अनन्त को जोड़ा गया, जो पूर्व में नोएडा स्थित धनी ऐप ऑफिस में कार्यरत था। वहीं अनन्त और दिव्याशु 12वीं पास हैं। इनकी उम्र करीब 25 वर्ष है। वहीं लेखनाथ और केदारनाथ ने नेपाल और ऑस्ट्रेलिया से एमबीए की पढ़ाई की है। पुलिस के अनुसार पढ़े-लिखे युवाओं द्वारा संगठित तरीके से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

 

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसटीएफ को आरोपितों के कब्जे से वह मोबाइल फोन भी मिला है, जो धमकी भरे ई-मेल से जुड़े रिकवरी मेल में इस्तेमाल हुआ था। इस मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या धमकी भरे ई-मेल और बेटिंग नेटवर्क का कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ थाना सूरजपुर गौतमबुद्धनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है। एसटीएफ यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम ट्रांजैक्शन के जरिए बाहर भेजी गई। बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की भी जांच की जा रही है। आरोपित कबसे गिरोह को संचालित कर रहे थे, इसकी जांच की जा रही है।

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