नई दिल्ली : एआई शिखर सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन की देश के प्रबुद्ध वर्ग और पूर्व वरिष्ठ नौकरशाहों ने कड़ी निंदा करते हुए इसे राष्ट्रीय गरिमा के साथ विश्वासघात बताते हुए पत्र जारी कर विरोध दर्ज कराया है।
इस घटना को राष्ट्रीय गरिमा के साथ विश्वासघात बताते हुए करीब 277 हस्ताक्षर कर्ताओं ने पत्र जारी कर विरोध दर्ज कराया है। इनमें उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीश, पूर्व राज्यपाल, पूर्व डीजीपी, पूर्व सचिव, पूर्व राजनयिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।
पत्र में कहा गया है कि जब दुनिया के शीर्ष तकनीकी नेता, वैश्विक सीईओ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भारत को भविष्य का प्रमुख वास्तुकार मानते हुए यहां आए थे, तब इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि को धूमिल करने वाला है। इसे एक पूर्व नियोजित और अस्वीकार्य कृत्य बताया गया है, जिसमें सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय स्थल पर प्रवेश कर अराजकता फैलाने की कोशिश की गई।
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व न्यायमूर्ति एसएन ढींगरा, पूर्व न्यायमूर्ति बीसी पटेल, पूर्व न्यायमूर्ति एम.एम. कुमार, पूर्व न्यायमूर्ति सुब्रतो मुखर्जी, पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, पूर्व आईएएस अधिकारी अमिताभ कांत, पूर्व रॉ प्रमुख संजीव त्रिपाठी, पूर्व एनआईए निदेशक योगेश चंद्र मोदी और कई पूर्व राजदूत शामिल हैं।
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