पूरी अरावली रेंज के संरक्षण के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध : भूपेन्द्र यादव

नई दिल्ली : केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को राज्यसभा में अपने मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाबदेते हुए कहा, ”सरकार पूरी अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि इस विषय में न्यायालय को हमारी सरकार से किसी भी प्रकार की सकारात्मक सहायता की आवश्यकता होगी, तो हम पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार हैं। हम अरावली के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।”

 

मंगलवार को राज्यसभा में भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस सदस्यों के साथ तीखी नोकझोंक की और आरोप लगाया कि राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार अरावली पहाड़ियों में अवैध खनन को बढ़ावा दे रही थी, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए थे।

 

मंत्री ने यह टिप्पणी सदन में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार अरावली पहाड़ियों में अवैध खनन को बढ़ावा दे रही थी, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए थे। कांग्रेस के समय में जब न्यायालय के निर्णय आते थे, तो अक्सर उनकी सरकार की कार्यक्षमता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते थे, लेकिन इस निर्णय में न्यायालय ने हमारे ग्रीन अरावली प्रोजेक्ट के संबंध में सरकार के प्रयासों को स्वीकार किया है और साथ ही सतर्क रहने की सलाह भी दी है।

 

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाई पावर कमेटी (एचपीसी) बनाने की भी बात कही है। इस संबंध में भी हमारा दृष्टिकोण पूरी तरह सकारात्मक है। जब निर्णय आया था, तब भी हमने स्पष्ट कहा था कि हम इस निर्णय का पूर्ण पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा केवल एक उद्देश्य है, अरावली का संरक्षण। इसी उद्देश्य से सरकार पहले ही अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट शुरू कर चुकी है। अरावली क्षेत्र से जुड़े 29 जिलों में संरक्षण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है और इस पूरे क्षेत्र को सुरक्षित बनाकर आगे कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष निकोबार से जुड़े पर्यावरणीय विषय भी आए थे। हमने वहां के सभी पर्यावरणीय चिंताओं का पूरा ध्यान रखा है और न्यायालय के समक्ष विस्तृत उत्तर भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि देश का पर्यावरण और प्रकृति हमारी अमूल्य धरोहर है। इसका संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही विकास के मार्ग पर चलते हुए औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरणीय कानूनों और मानकों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग सिर्फ ट्वीट करते हैं लेकिन सदन में तथ्यों पर बात नहीं करते हैं। उन्होंने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2014 में संरक्षित क्षेत्र 168838.37 वर्ग किलोमीटर था जो बढ़ कर 2026 में 187162.91 वर्ग किलोमीटर हो गया है। भूपेन्द्र यादव ने कहा कि आज एक पेड़ मां के नाम और मिशन लाइफ जैसे अभियानों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।” उन्होंने सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा मानना है कि पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना ही सही मार्ग है।

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