नई दिल्ली : भाजपा के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्य सभा सांसद डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल ने सदन में शून्यकाल में महिलाओं के लिए प्रांसंगिक, सामाजिक एवम आर्थिक मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी जो हमारे समाज की निम्नतम इकाई परिवार की रीढ़ है और जो अपनी भूमिका अनेक किरदारों में अदा करती है मां, बेटी, पत्नी व महिला या अन्य रूपों में, महिलाएं घर और परिवार के लिए बहुत मेहनत करती हैं। लेकिन उनके काम का आर्थिक मूल्य नहीं माना जाता, यदि महिलाओं के इन घरेलू कार्यों का आर्थिक मूल्यांकन किया जाए तो यह देश की अर्थव्यवस्था और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बड़ा योगदान दे सकता है।
उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार को चाहिए कि घरेलू महिलाओं के काम को राष्ट्रीय आय में शामिल करे और उन्हें न्यूनतम बुनियादी आय प्रदान करे। अतः महिलाओं को दया या सहानुभूति से नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और उनके श्रम का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
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