हैदराबाद : तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद राव ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक दानम नागेंद्र और कादियम श्रीहरि के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया।। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि दोनों विधायकों ने आधिकारिक रूप से पार्टी बदली है। उपलब्ध सामग्री और सुनवाई के दौरान दिए गए स्पष्टीकरण के आधार पर याचिकाओं को खारिज कर किया जाता है।
विधानसभा स्पीकर गद्दाम प्रसाद राव ने बुधवार काे अपना फैसला सुनाया। इस मुद्दे पर गुरुवार काे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हाेनी है। इसके साथ ही स्पीकर ने अब तक पार्टी बदलने के आरोपों का सामना कर रहे 10 लोगों को क्लीन चिट दे दी है। विधानसभा में विपक्ष के नेता भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष रामा राव ने आरोप लगाया कि कि दोनों विधायकों ने दल-बदल विरोधी नियमों का उल्लंघन किया है। कार्यकारी अध्यक्ष ने स्पीकर के निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी बदलने के मामले में विधायक दानम नागेंद्र और कडियम श्रीहरि को क्लीन चिट देना लोकतंत्र पर खुला हमला है। उन्होंने स्पीकर के इस फैसले को लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक फैसला नहीं है, यह सत्ता में बैठे लोगों के पक्ष में संवैधानिक तंत्र का इस्तेमाल करने का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से लोगों का भरोसा टूटेगा। तेलंगाना के लोग सब कुछ देख रहे हैं और सही समय पर जवाब देंगे।
इस मामले मे विधायक दानम नागेंद्र ने केटीआर और भाजपा नेताओं पर पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि बीआरएस विधायक दल की हाल में हुई बैठक में उन्हें क्यों शामिल नहीं किया गया। नागेंद्र ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी अन्य पार्टी की सदस्यता नहीं ली और विधानसभा में बीआरएस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी की तरफ से किसी भी व्हिप का पालन नहीं किया गया। उन्होंने भरोसा जताया कि अगर फैसला उनके खिलाफ भी जाता, तो वह उपचुनाव लड़कर जीतते।
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