लखनऊ : भारत निर्वाचन आयाेग ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरलम और पुदुचेरी राज्यों के विधानसभा चुनावाें की घोषणा कर
दी है। इन चुनाव में राज्यों के मतदाताओं को भाजपा की ओर आकर्षित करने में हिंदुत्व के बड़े ब्रांड बन चुके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री याेगी की बिहार विधानसभा चुनाव में दर्जनाें
सभाएं के सकारात्मक परिणाम सामने आ चुके हैं।
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ भाजपा के लिए हमेशा महत्वपूर्ण चेहरा रहे हैं, लेकिन वर्तमान में सफल मुख्यमंत्री के रूप में उनकी सख्त और अनुशासित प्रशासक के रूप में छवि बनी है। उनके नेतृत्व में विदेश की धरती से उप्र में अरबों का निवेश, कई नए मेडिकल कॉलेज, मेट्रो और कई एयरपोर्ट व यूनिवर्सिटीज की स्थापना जैसे विकास कार्यों के अलावा लव जिहाद के खिलाफ कानून और दंगाइयों की संपत्ति कुर्क कर सरकारी क्षति की वसूली जैसे फैसले देशभर में उदाहरण के रूप में लिए जाते हैं। यही वजह है कि चुनावों में मुख्यमंत्री योगी की मांग स्टार प्रचारक के रूप में जरूर होती है।
हाल की अपनी जापान और सिंगापुर विदेश यात्रा से अरबों का निवेश लाकर उत्तर प्रदेश को उत्सव प्रदेश बनाने वाले योगी आदित्यनाथ की चुनावी रैलियों में भारी भीड़ उमड़ती है। रैली में मोदी—मोदी के बाद योगी—योगी के नारे खूब लगते हैं। हाल ही में हुए बिहार के चुनाव में उनकी रैलियाें में अच्छा खासा जनसमर्थन दिखा था। इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी मुंबई से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं ने मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित किया। याेगी के बंटोगे तो कटोगे के नारे ने तो कांग्रेस और एनसीपी (शरद) की चुनावी गणित फेल कर दी और परिणामस्वरूप महाराष्ट्र में फिर से कमल खिला।
हिंदुत्व के बड़े ब्रांड बन चुके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं ने दिल्ली, हरियाणा और मध्यप्रदेश में भी सकारात्मक
परिणाम दिखे थे। मतदाताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट और बेबाक अंदाज सनातनी हिंदू को अंदर तक प्रभावित करता है। उनके बयानाें में… मुगल आक्रांताओं ने देश को लूटा और बर्बाद किया…, उत्तर प्रदेश में अपराधियों को सीधे यमराज के पास पहुंचाया जा रहा है…. और कानून से खिलवाड़ किया तो बरेली वाले मौलाना से पूछ लेना…. आदि काे जनता ने गंभीरता से लिया और समझा।
अब पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुदुचेरी राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा हो गयी है। इनमें पश्चिम बंगाल, केरलम और तमिलनाडु में भाजपा को पहले से बेहतर करने की चुनौती है। वहीं असम और पुदुचेरी में सम्मानजनक वापसी करना चाहती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में भी पश्चिम बंगाल में खास प्रभाव है। तमिलनाडु में भी भाजपा ऐसी बिसात बिछा रही है कि वहां बड़ी ताकत बन कर दक्षिण भारत काे फतेह करने के अपने दशकों पुराने संकल्प को पूरा करे। इसी प्रकार केरल और पुदुचेरी में भाजपा एनडीए के साथ अपनी दमदारी दिखाना चाह रही है। ऐसे चुनावी परिदृश्य में भाजपा के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे बडे़ स्टार प्रचारक और चुनाव को जीत के मुहाने पर ले जाने की क्षमता वाले माने जाते हैं। यही कारण है कि मतदाताओं के बीच उनकी भारी मांग रहती है।
इस संबंध में लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ के राजनीतिशास्त्र विभाग के अध्यक्ष और प्रोफेसर संजय गुप्ता कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी का व्यक्तित्व अंदर व बाहर समान है, वे सत्य बोलते हैं और किसी का अहित नहीं करते हैं। वे सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटते हैं। प्रोफेसर गुप्ता कहते हैं कि हम उप्र में पिछले पौने नौ साल से देख रहे हैं कि वे बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए विकास के अनगिनत काम कर रहे हैं, उनकी कार्यशैली में, जो सही है सही और जो गलत है वो गलत है। यही कारण है कि देश के अन्य राज्यों के लोग योगीजी को सुनने के लिए लालायित रहते हैं। वे सिर्फ देश, समाज और धर्म के लिए लड़ रहे हैं, उनका एजेंडा देश हित और समाजहित है। वे सनातन संस्कृति के ध्वज वाहक हैं।
मुख्यमंत्री योगी के अलावा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल का दौरा कर चुनावी प्रबंधन का जायजा लेकर लौटे हैं। ऐसे में इन दोनों राजनेताओं का भी पार्टी भरपूर उपयोग करने वाली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के अलावा भी कई ऐसे नेता हैं, जो अपने भाषणों से चुनावी सभाओं में मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे नेता भी पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुदुचेरी आदि राज्यों के विधानसभा चुनावों में अपनी क्षमता दिखाएंगे ।
उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता मनीष शुक्ला का कहना है कि निश्चिततौर पर मुख्यमंत्री योगी ने जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाया है, उससे पूरे देश में उनकी विशेष छवि है। वे जहां—जहां चुनावी सभाएं करते हैं, उसके सकारात्मक परिणाम दिखायी पड़ते हैं। बिहार हो या महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के परिणाम इसकी गवाही देते हैं। रहे हैं। मनीष ने दावा किया कि भाजपा असम के साथ ही पश्चिम बंगाल में बहुमत से सरकार बनाएगी जबकि तीन अन्य राज्याें भी बेहतर नतीजे आएंगे।
Shaurya Times | शौर्य टाइम्स Latest Hindi News Portal