नई दिल्ली। देश में एलपीजी सिलिंडर को लेकर पिछले कुछ दिनों से बनी अफरा-तफरी के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे हालात सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। सरकार के अनुसार 14 मार्च को एलपीजी बुकिंग घटकर लगभग 77 लाख रह गई, जबकि एक दिन पहले यह आंकड़ा 88.8 लाख था।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी से बचें।
सरकार के दैनिक अपडेट के अनुसार ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग का प्रतिशत बढ़कर लगभग 87 फीसदी हो गया है, जो पहले करीब 84 फीसदी था। तेल कंपनियों द्वारा डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा देने के अभियान का असर दिख रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को डीलरों के बाहर लंबी कतारों से भी राहत मिली है।
सरकार ने बताया कि देश के सभी तेल रिफाइनरी संयंत्र पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आयात की आवश्यकता नहीं है। खुदरा स्तर पर भी ईंधन की कमी की कोई सूचना नहीं मिली है।
एलपीजी की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों ने गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडरों को प्राथमिकता के आधार पर वितरण के लिए 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध कराया गया है।
स्थिति पर निगरानी रखने के लिए 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। वहीं, एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए
Shaurya Times | शौर्य टाइम्स Latest Hindi News Portal