हाथरस : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सासनी कोतवाली क्षेत्र के गांव सीकुर में शुक्रवार दोपहर जमीनी विवाद ने खूनी रूप अख्तियार कर लिया। महज 30 बीघा जमीन के टुकड़े के लिए दो सगे भाइयों ने अपने ही भाई की लाठी-डंडों, फावड़े और दराती से प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात में एक भतीजा भी शामिल रहा। पिता को बचाने आई 17 वर्षीय बेटी को भी हमलावरों ने बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
खेत में चारा काटते समय हुआ खूनी संघर्ष
जानकारी के अनुसार, मृतक भीमसेन 45 शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे अपनी छोटी बेटी खुशी के साथ खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। इसी दौरान उनके बड़े भाई रवेंद्र, छोटा भाई पूरन और पूरन का बेटा यशवीर वहां पहुंच गए। भाइयों ने भीमसेन से जमीन में अपने हिस्से की मांग की, जिसे लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि तीनों ने मिलकर भीमसेन पर हमला बोल दिया। भीमसेन ने जान बचाने के लिए चरी के खेत की ओर दौड़ लगाई, लेकिन वह लड़खड़ाकर गिर गए। इसके बाद हमलावरों ने उन पर फावड़े और दराती से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पिता की वसीयत बनी विवाद की जड़
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस खूनी खेल की पटकथा करीब दो साल पहले लिखी गई थी। भीमसेन के पिता वीरेंद्र सिंह ने मरने से पहले अपनी पूरी 30 बीघा जमीन भीमसेन के नाम कर दी थी। पिता की मौत के बाद जब बाकी दो भाइयों रवेंद्र और पूरन को इस वसीयत और दाखिल-खारिज का पता चला, तो वे भड़क गए। उनका आरोप था कि भीमसेन ने धोखे से जमीन अपने नाम कराई है। यह मामला कोर्ट और तहसील तक भी पहुंचा था, लेकिन भाइयों के बीच की कड़वाहट कम होने के बजाय बढ़ती चली गई।
त्रयोदशी संस्कार में आए थे भाई, बना डाली हत्या की योजना
गांव में परिवार की एक वृद्ध महिला की मृत्यु के बाद बृहस्पतिवार को त्रयोदशी का कार्यक्रम था। इसी बहाने फरीदाबाद में मजदूरी करने वाले दोनों भाई रवेंद्र और पूरन गांव आए थे। शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से वे खेत पर पहुंचे और वारदात को अंजाम दे डाला। भीमसेन की पत्नी का देहांत 10 साल पहले ही हो चुका था और वे अकेले ही बच्चों की जिम्मेदारी उठा रहे थे। घटना के समय उनका बेटा हरकेश नौकरी के सिलसिले में बाहर था।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, आरोपियों की तलाश तेज
वारदात की सूचना मिलते ही सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण और एसओजी समेत फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना फावड़ा, दराती, बैंत और गमछा बरामद किया है। एएसपी रामानंद कुशवाहा ने बताया कि मृतक के पुत्रवधू की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें फरार भाइयों और भतीजे की तलाश में दबिश दे रही हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
Shaurya Times | शौर्य टाइम्स Latest Hindi News Portal