‘शीश महल’ की ‘शाही’ दुनिया सामने आने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री ने केजरीवाल को घेरा

नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘शीश महल’ से जुड़ा वीडियो सार्वजनिक होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि अब सच को छिपाया नहीं जा सकता। जो वर्षों तक पर्दे के पीछे छिपाया गया, आज वह पूरी दिल्ली की जनता के सामने है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के लोगों को लंबे समय से ‘शीश महल’ की सच्चाई जानने का इंतजार था और अब जब वीडियो सामने आया है तो यह साफ हो गया है कि किस तरह ‘आम आदमी’ के नाम पर सत्ता में आए लोगों ने जनता के पैसों से अपने लिए शाही महल तैयार किया। यह शीश महल केवल एक इमारत नहीं बल्कि भ्रष्टाचार, अहंकार और जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात का जीता-जागता प्रमाण है। साथ ही नैतिक पतन का प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो में जो दृश्य सामने आए हैं, वे दिखाते हैं कि कैसे सत्ता का दुरुपयोग कर विलासिता की हर सीमा पार की गई। दिल्ली की जनता देखें कि जिन लोगों को उन्होंने सेवा के लिए चुना, उन्होंने जनता के पैसे से किस तरह अपनी ऐशो-आराम की दुनिया बनाई। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते थे कि वे न गाड़ी लेंगे, न बंगला लेंगे, उन्होंने पर्दे के पीछे जनता के पैसों से अपने लिए ऐसा महल खड़ा किया, जिसमें आम आदमी का कोई स्थान नहीं था।

 

मुख्यमंत्री ने ‘शीश महल’ के निर्माण में हुए खर्च पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जो परियोजना शुरुआती तौर पर लगभग 8 करोड़ रुपये की थी, वह बढ़कर 62 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह वृद्धि अपने आप में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करती है। उन्होंने बताया कि इस महल में 50 एसी, दर्जनों पंखे, महंगे इंटीरियर, विदेशी कॉफी मशीनें, हाई-एंड उपकरण और लाखों रुपये की सुविधाएं लगाई गईं। इसके अलावा अलग-अलग कार्यों के लिए कई निजी कंसल्टेंट्स नियुक्त किए गए, जिससे लागत और बढ़ी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शीश महल’ के नाम पर जो कुछ सामने आया है, वह दिल्ली के इतिहास में भ्रष्टाचार का एक काला अध्याय है। ‘शीश महल’ बनाने में प्रारंभिक लागत से कई गुना अधिक खर्च, लग्जरी सुविधाएं, महंगे उपकरण और निजी कंसल्टेंट्स की फौज–यह सब दर्शाता है कि किस तरह नियमों और नैतिकता को पूरी तरह कुचल दिया गया। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली की जनता महामारी और आर्थिक संकट से जूझ रही थी, तब पूर्व सरकार में सत्ता में बैठे लोग अपने लिए महल सजाने और ‘वर्ल्ड क्लास’ इंटीरियर बनवाने में व्यस्त थे। यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात है।

 

मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस वीडियो को देखें और खुद तय करें कि उनके साथ क्या हुआ है। दिल्ली की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि जिन लोगों को उन्होंने सेवा के लिए चुना, उन्होंने उनके पैसों का किस तरह इस्तेमाल किया।

 

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को छोड़गी नहीं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच पहले ही आगे बढ़ाई जा चुकी है और लोक लेखा समिति (पीएसी) के माध्यम से विस्तृत जांच सुनिश्चित की जा रही है। दिल्ली सरकार जनता के हर एक पैसे का हिसाब देगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

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