कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूरक मतदाता सूची जारी नहीं करने को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए और पूछा कि आखिर क्या छिपाया जा रहा है। शुक्रवार को उन्होंने आयोग को चुनौती देते हुए कहा कि सूची तुरंत सार्वजनिक की जाए और पत्रकारों को भी उपलब्ध कराई जाए।
पश्चिम बर्धमान जिले के पांडवेश्वर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि पूरक सूची अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? मैंने सड़क से लेकर उच्चतम न्यायालय तक इस सूची के लिए लड़ाई लड़ी है। किसी भी राजनीतिक पार्टी को यह सूची नहीं दी गई है। आखिर क्या छिपाया जा रहा है?
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि विचाराधीन मामलों में लगभग 40 प्रतिशत नाम हटा दिए गए हैं जबकि 60 प्रतिशत नाम बरकरार रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें न्यायाधिकरण में अपील करने का अवसर मिलेगा और तृणमूल कांग्रेस उनकी ओर से नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक जाकर ऐसे मतदाताओं की पहचान करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने आगामी जनगणना को लेकर भी आशंका जताई और कहा कि इससे और नाम हटाए जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकता से जुड़े प्रावधानों के जरिए लोगों को परेशान करने की कोशिश हो रही है, लेकिन जब तक उनकी सरकार सत्ता में है, किसी को भी निरुद्ध शिविरों (डिटेंशन सेंटर) में नहीं जाने दिया जाएगा।
इस संघर्ष की तुलना महाभारत से करते हुए उन्होंने कहा कि यह पांडव और कौरव की लड़ाई जैसी है। हम पांडव हैं और हमारी लड़ाई अन्याय के खिलाफ है।
इसी मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर पूरक मतदाता सूची प्रतिदिन प्रकाशित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, शशि पांजा और लोकसभा सदस्य बापी हलदर शामिल थे। उन्होंने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में पारदर्शिता और पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दावा किया कि 23 मार्च को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया था कि 29 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है, लेकिन जारी सूची में केवल 7.5 लाख मतदाताओं का ही उल्लेख है।
बीरभूम जिले के दुबराजपुर की एक अन्य सभा में मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा एक वाशिंग मशीन की तरह है, जिसमें चीजें गायब हो जाती हैं। मतदाताओं के नाम भी उसी तरह हटाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए रसोई गैस की कीमतों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 400 रुपए थी जो अब बढ़कर करीब 1,100 रुपये हो गई है।
ममता बनर्जी ने बिजली दरों में कमी का भी वादा किया और कहा कि देवचा-पचामी कोयला परियोजना शुरू होने के बाद बिजली सस्ती होगी और लगभग एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने दावा किया कि यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कोयला खदान परियोजना है।
सभा के अंत में उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए और समाज की एकता ही सबसे बड़ी ताकत है।———————
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