नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण देश में रसोई गैस की सप्लाई में हो रही परेशानी के बीच केंद्र सरकार ने 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी गैस सिलेंडर (फ्री ट्रेड एलपीजी-एफटीएल) के सप्लाई कोटे को दोगुना करने का ऐलान किया है। 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर के कोटा को बढ़ाए जाने का फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो गांव से रोजी-रोटी की तलाश में या पढ़ने के लिए शहरों में आते हैं और खाना बनाने के लिए बिना कनेक्शन वाले इन छोटे सिलेंडर का उपयोग करते हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर के कोटे को दोगुना करने के लिए पिछले महीने दो और तीन तारीख यानी दो और तीन मार्च को ओपन मार्केट में सप्लाई किए गए छोटे सिलेंडर की संख्या को आधार माना जाएगा। मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 5 किलोग्राम वाले छोटे एफटीएल सिलेंडर राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों को उपलब्ध कराए जाएंगे और इनकी सप्लाई सिर्फ प्रवासियों के लिए होगी।
इन छोटे सिलेंडर के लिए स्थाई गैस कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं होती है। दूर दराज के गांव से शहरों में पढ़ने के लिए या काम करने के लिए आए छात्र और प्रवासी मजदूर अपने स्थाई पता का प्रमाण देने की जगह सिर्फ मान्य पहचान पत्र दिखाकर सिलेंडर ले सकते हैं। इसके अलावा अस्थाई तौर शहर में रहने के वाले लोग यानी जिनके पास स्थाई पता नहीं होता है, वे भी इस सिलेंडर को मान्य पहचान पत्र दिखा कर ले सकते हैं। इसीलिए शहर में रहने वाले प्रवासी मजदूर या प्रवासी छात्रों के लिए 5 किलोग्राम का यह गैस सिलेंडर काफी उपयोगी साबित होता है।
पश्चिम एशिया में जंग की शुरुआत के बाद से ही केंद्र सरकार पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश में जुटी है। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से पहले भी बयान जारी कर स्पष्ट किया जा चुका है कि मौजूदा वैश्विक हालात के बीच पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
सरकार की ओर से लोगों से भी अपील की गई है कि वे घबराकर सिलेंडर की खरीदारी न करें। लोगों से अफवाह से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने का आग्रह किया गया है, ताकि पैनिक की स्थिति न बने। इसके साथ ही लोगों को एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यम अपनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा सरकार ने घरेलू एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई को प्राथमिकता दी है। खासकर, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों के लिए यह कदम उठाया गया है।
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