नई दिल्ली/ कोलकाता/चेन्नई : तमिलनाडु विधानसभा की सभी सीटों और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में गुरुवार को मतदाताओं का जबर्दस्त उत्साह सामने आया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों के बावजूद सुबह 7 से शाम 6 बजे तक दोनों ही राज्यों के मतदाताओं ने पिछले आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 91.40 फीसदी और तमिलनाडु में 84.35 फीसदी मतदान हुआ। इस दौरान पश्चिम बंगाल में छिटपुट हिंसा की घटनाएं सामने आईं जबकि तमिलनाडु में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण मतदान हुआ। मतगणना 4 मई को होगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान आज राज्यभर में कड़ी सुरक्षा और व्यापक प्रशासनिक निगरानी के बीच संपन्न हुआ। इस चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें कुल 1478 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद हो गया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरे दिन मतदान का माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा। खास बात यह है कि इस बार जबर्दस्त मतदान हुआ है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 91.40 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक है।
इस चरण में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम बर्धमान, पुरुलिया, बांकुड़ा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और पूर्व मेदिनीपुर जैसे जिलों में मतदान हुआ। ये सभी जिले भौगोलिक और सामाजिक रूप से विविधता वाले क्षेत्र हैं, जिनमें सीमावर्ती इलाके, चाय बागान क्षेत्र, आदिवासी बहुल क्षेत्र, ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी केंद्र भी शामिल हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार प्रथम चरण में लगभग 3.6 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र थे। कुल 44,376 मतदान केंद्र बनाए गए थे। 5644 मतदान केंद्रों का संचालन महिलाकर्मियों द्वारा किया गया, जबकि 207 मतदान केंद्रों को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया गया था।
सुरक्षा की दृष्टि से यह चरण अबतक के सबसे सख्त इंतजामों में से एक माना जा रहा है। पूरे राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 2407 कंपनियां तैनात की गईं। संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, फ्लाइंग स्क्वॉड और विशेष पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई।
मतदान के दौरान अधिकांश सीटों पर भारी उत्साह देखने को मिला और कई जिलों में मतदान 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया। दक्षिण दिनाजपुर सबसे आगे रहा, जहां 93.12 प्रतिशत मतदान हुआ। केवल कालिम्पोंग ऐसा जिला रहा जहां मतदान 81.98 प्रतिशत रहा।
हालांकि, पहले चरण के मतदान के दौरान कुछ हिस्सों में छिटपुट हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं। दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा प्रत्याशी पर हमले का आरोप लगा, जबकि बीरभूम के लाभपुर में भाजपा एजेंट के घायल होने की घटना सामने आई। इसी जिले के खैराशोल में ईवीएम खराबी के बाद मतदान रुका, जिसके बाद पथराव और पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की खबरें आईं, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी का सिर फट गया।
मुर्शिदाबाद के नाओदा में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के काफिले पर हमला हुआ। पश्चिम मेदिनीपुर में भी झड़प, पिटाई और केंद्रीय बलों पर आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। कूचबिहार, आसनसोल और सिलीगुड़ी में भी बूथ प्रभावित करने, गाड़ी पर हमला और फर्जी मतदान जैसी शिकायतें सामने आईं। पश्चिम बंगाल में दूसरे एवं अंतिम चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव-तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों पर आज मतदान के दौरान जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में रिकॉर्ड 84.35 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य में 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के आज सुबह 07 बजे से मतदान शुरू हुआ जो शाम 06 बजे तक जारी रहा। व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के बीच राज्य के तमाम हिस्सों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाता कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
तिरुवल्लूर जिले के कलेक्टर और चुनाव अधिकारी प्रताप ने बताया कि शाम 6 बजे तक जो भी मतदाता मतदान केंद्र में प्रवेश कर चुका है, वह चाहे जितनी देर कतार में खड़ा रहे, रात 8 या 9 बजे के बाद भी उसे मतदान की अनुमति दी जाएगी और इसके लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
तमिलनाडु में सत्ताधारी कांग्रेस और डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन और भाजपा-एआईएडीएमके गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला दिख रहा है, लेकिन अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबला काफी रोचक बनकर उभरा है।
साल 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन को निर्णायक जीत मिली, जिसने 234 सीटों में से 159 सीटें जीतीं। इसके मुकाबले एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन को 75 सीटें मिली थी।
डीएमके ने इसबार 164 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं जबकि 70 सीटें उसने कांग्रेस सहित अन्य सहयोगी दलों के लिए छोड़ी। इसी तरह
एआईएडीएमके ने 169 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए अपने सहयोगियों के लिए 65 सीटें छोड़ी हैं जिसमें भाजपा के लिए 27 सीटें शामिल हैं। जबकि पहली बार चुनाव मैदान में उतरी विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने राज्य की सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं।
राज्यभर में कुल 4,023 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें कई बड़े नेता शामिल हैं। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन चेन्नई के कोलाथुर से लगातार दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी से चुनाव लड़ रहे हैं।
दूसरी ओर, एआईएडीएमके प्रमुख और विपक्ष के नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी सलेम जिले के एडप्पाडी से चुनाव लड़ रहे हैं। पहली बार चुनाव लड़ रहे टीवीके प्रमुख विजय चेन्नई के पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व, दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं।
आज तमिलनाडु के मतदान केंद्रों पर राजनीतिक दिग्गजों के अतिरिक्त कई जानी-मानी हस्तियां नजर आईं। सुपरस्टार रजनीकांत, फिल्ममेकर एटली, म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर, अभिनेता धनुष, अजित कुमार, कमल हासन और श्रुति हासन ने अपना वोट डाला। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने पत्नी प्रीथि नारायण के साथ चेन्नई के मतदान केंद्र पर वोट डाला।
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