बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में कड़ी सुरक्षा के बावजूद कई स्थानों पर हुई हिंसा

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों के लिये बुधवार को हुए मतदान के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद कई स्थानों से हिंसा और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई। मतदान शुरू होने से पहले नदिया जिले के चापड़ा विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 53 पर जाने के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एजेंट मुशर्रफ मीर पर हमला किया गया। भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने एजेंट को बुरी तरह पीटा और उनका सिर फोड़ दिया।

 

कोलकाता की हाई प्रोफाइल सीट भवानीपुर में सुरक्षा बलों ने तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी और निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी को उस वक्त चेतावनी दी जब वे मतदान केंद्र के पास कुछ लोगों के साथ बैठे थे। उधर, इसी विधानसभा क्षेत्र के कालीघाट में शुभेंदु अधिकारी बूथों का दौरा करने पहुंचे, तब वहां मौजूद तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें घेरकर “चोर-चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके जवाब में भाजपा समर्थकों ने “जय श्रीराम” के नारे लगाए। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी से कालीघाट रोड और हरीश मुखर्जी रोड के मोड़ पर माहौल गरमा गया। स्थिति बिगड़ती देख शुभेंदु अधिकारी ने वहीं से चुनाव आयोग को शिकायत की और फोन कर केंद्रीय बल बुलाने की बात कही। कुछ ही मिनटों में बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंच गए। हालात को काबू में करने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।

 

भवानीपुर के पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र रासबिहारी में सुबह से ही तनाव की स्थिति बन गई। आरोप है कि वहां कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बूथ में प्रवेश करने से रोका गया।

 

दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ इलाके में पूरे दिन हालात तनावपूर्ण बने रहे। यहां आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दिकी के खिलाफ नारेबाजी की घटना से तनाव और बढ़ गया। नौशाद सिद्दीकी के पहुंचते ही तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “जय बांग्ला” के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद केंद्रीय बल और राज्य पुलिस ने मोर्चा संभाला। भीड़ को नियंत्रित करने और हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी जिले के बासंती विधानसभा क्षेत्र के 76 नंबर बूथ पर भाजपा प्रत्याशी विकास सरदार पर हमला किये जाने का आरोप लगा। विकास सरदार ने आराेप लगाया कि जब वे बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर हमला कर दिया। हमले के दौरान विकास सरदार की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। इतना ही नहीं, उनके सुरक्षा कर्मी के पास मौजूद आग्नेयास्त्र छीनने की भी कोशिश की गई। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।

 

उधर, डायमंड हार्बर के फलता इलाके में ईवीएम पर टेप चिपकाये जाने के आरोपों से राजनीतिक तल्खी बढ़ गई। भाजपा ने इसकी एक तस्वीर साझा करते हुए आरोप लगाया कि जिन बटनों पर टेप लगाया गया, उनमें तीसरे नंबर पर भाजपा और चौथे नंबर पर माकपा का चुनाव चिन्ह था। भाजपा का कहना है कि यह जानबूझकर किया गया ताकि मतदाता उनके उम्मीदवार को वोट न दे सकें। भाजपा ने इसके लिये तृणमूल को जिम्मेदार ठहराते हुए पुनर्मतदान (री-पोल) की मांग की है।

 

हावड़ा के उदयनारायणपुर में वोट देने पहुंचे एक 80 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। आरोप है कि केंद्रीय बल के एक जवान द्वारा धक्का दिये जाने से वे गिर गए और वहीं उनकी मौत हो गई।

 

हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लिलुआ इलाके में मतदान के दौरान डॉन बॉस्को लिलुआ सोहनलाल विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी के चलते तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मतदान प्रक्रिया बाधित होने से कतार में खड़े मतदाताओं में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और भीड़ ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दाैरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज करना पड़। इस घटना में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

वहीं, उत्तर 24 परगना के बारासात, हाबरा, स्वरूप नगर तथा नदिया के कल्याणी और शांतिपुर समेत कई इलाकों में ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतदान देर से शुरू हुआ।

 

वैसे पश्चिम बंगाल के हिंसक चुनावी इतिहास को देखते हुए इस बार का चुनाव हिंसा की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मोटे तौर पर शांतिपूर्ण रहा।—————–

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