नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिलाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ)और राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (एनएएफईडी)को लक्ष्य आधारित खरीद के निर्देश दिए। शुक्रवार को इस विषय को लेकर कृषि भवन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नेफेड और एनसीसीएफ के साथ उपार्जन संबंधी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
इस दौरान उन्होंने दोनों एजेंसियो को किसानों के हितों को देखते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां बाजार भाव एमएसपी से नीचे हैं, वहां किसानों से प्रभावी और समयबद्ध खरीद हर हाल में सुनिश्चित की जाए। चौहान ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान को उसकी उपज का न्यायसंगत मूल्य दिलाना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस लक्ष्य में किसी भी स्तर की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में शिवराज सिंह ने कहा कि राज्यवार आवंटन के साथ-साथ जिला-स्तर पर उत्पादन, संभावित आवक और 25 प्रतिशत खरीद क्षमता का आकलन कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए ताकि उपार्जन का लक्ष्य वास्तविक जमीन पर हासिल हो सके। चौहान ने दलहन-तिलहन, विशेषकर चना, मसूर, उड़द और सरसों जैसी फसलों पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि जहां किसानों को एमएसपी से कम दाम मिल रहे हैं, वहां खरीद में तेजी लाना अनिवार्य है।
उन्होंने अधिकारियों को राज्यों में वास्तविक बाजार भाव की ताजा जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। चौहान ने स्पष्ट किया कि यदि किसी राज्य के निर्देश प्रक्रियाएं या स्थानीय प्रशासनिक अड़चनें किसानों से खरीद में बाधा बन रही हैं तो केंद्र सरकार सक्रिय समन्वय के जरिए उनका समाधान सुनिश्चित करेगी।
चौहान ने कहा कि दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने का राष्ट्रीय लक्ष्य तभी सफल होगा, जब किसानों को यह भरोसा होगा कि जरूरत पड़ने पर उनकी उपज एमएसपी पर खरीदी जाएगी।
चौहान ने नेफेड और एनसीसीएफ को निर्देशित किया कि वे उपार्जन को लेकर बेहतर काम करें, समस्याओं की सूची बनाकर समाधान सहित प्रस्तुत करें और शेष अवधि में खरीद प्रदर्शन में ठोस सुधार दिखाएं।
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