Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजनीति में शनिवार शाम एक बड़ी हलचल देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर लौटने के तुरंत बाद सीधे राजभवन पहुंचे। मुख्यमंत्री की राज्यपाल के साथ इस औचक मुलाकात के बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री के साथ शासन के आला अधिकारियों की मौजूदगी ने इन चर्चाओं को और बल दे दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों का जमावड़ा, चर्चाओं का केंद्र बना ‘जन भवन’
राजभवन पहुंचने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) संजय प्रसाद और मुख्यमंत्री के सलाहकार व पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इतने महत्वपूर्ण अधिकारियों के साथ राजभवन पहुंचने की सूचना जैसे ही सार्वजनिक हुई, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी चर्चाएं शुरू हो गईं। न्यूज चैनलों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात की चर्चा आम है कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार में जल्द ही कुछ नए चेहरों की एंट्री होने वाली है।
क्या होने वाला है कैबिनेट विस्तार?
हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को एक औपचारिक भेंट बताया जा रहा है और मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों और प्रशासनिक कसावट को देखते हुए कैबिनेट में फेरबदल की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री द्वारा राज्यपाल को बंगाल के घटनाक्रम और राज्य के महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषयों पर ब्रीफ किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
मीडिया में कयासों का दौर
मुख्यमंत्री की इस सक्रियता ने मीडिया और सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश कैबिनेट में कुछ खाली पदों को भरने और कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की चर्चाएं चल रही थीं। शनिवार की इस मुलाकात को उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। अब सबकी नजरें राजभवन से आने वाली किसी आधिकारिक विज्ञप्ति या सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
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