उज्जैन : टी-20 विश्व कप से पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के सदस्यों ने शनिवार अलसुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित अन्य खिलाड़ियों ने भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ी तड़के करीब 3 बजे उज्जैन पहुंचे और बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई। इनमें टीम की कप्तान हरमनप्रीत के साथ शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, यास्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव समेत अन्य खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ सदस्य शामिल रहे।
भस्म आरती के दौरान खिलाड़ी पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आईं। करीब दो घंटे तक आरती में शामिल रहने के बाद खिलाड़ियों ने नंदी हॉल में पूजन-अभिषेक किया और नंदी के कान में अपनी मनोकामना कही। इसके बाद चांदी द्वार से भगवान महाकाल को पुजारी के हाथों जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के पश्चात श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भारतीय महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का स्वागत और सम्मान भी किया गया।
इंग्लैंड एंड वेल्स की मेजबानी में आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 12 जून से हो रही है। टूर्नामेंट का फाइनल 5 जुलाई को खेला जाएगा। भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और दक्षिण अफ्रीका के साथ ग्रुप ए में रखा गया है। भारतीय टीम अपना पहला मैच 14 जून को पाकिस्तान के साथ खेलेगी।
भस्म आरती में बाबा के अलौकिक रूप के हुए दर्शन
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान अलौकिक और दिव्य वातावरण देखने को मिला। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया।
महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि प्रथम घंटाल बजाकर बाबा महाकाल पर “हरि ओम” का जल अर्पित किया गया। भगवान गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय स्वामी का पूजन कर बाबा महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। कपूर आरती पश्चात भगवान को भस्म अर्पित कर भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल को चिता भस्म रमाई गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई।
इसके बाद मस्तक पर त्रिपुण्ड और त्रिशूल के साथ डमरू एवं शेषनाग स्वरूप रजत मुकुट धारण कराया। रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पों की मालाओं से बाबा का दिव्य स्वरूप भक्तों को मंत्रमुग्ध करता रहा। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
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