नई दिल्ली : कुआलालंपुर में आज (मंगलवार) से शुरू हो रहे मलेशिया मास्टर्स 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की चुनौती की अगुवाई लक्ष्य सेन करेंगे। हालांकि इस बार भारतीय दल में कई बड़े नाम शामिल नहीं हैं।
भारत की शीर्ष पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी. वी. सिंधु, किदांबी श्रीकांत, युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा ने इस बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500 प्रतियोगिता से दूरी बनाई है।
विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर मौजूद लक्ष्य सेन के लिए कुआलालंपुर अब तक खास सफल नहीं रहा है। वह मलेशिया मास्टर्स और मलेशिया ओपन में कभी दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ सके हैं। पहले दौर में उनका मुकाबला इंडोनेशिया के युवा खिलाड़ी मोहम्मद जाकी उबैदिलाह से होगा, जिन्होंने पिछले जूनियर विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था।
यदि लक्ष्य क्वार्टर फाइनल में पहुंचते हैं तो उनका सामना दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव से हो सकता है।
पुरुष एकल वर्ग में भारत की ओर से एच. एस. प्रणय, किरण जॉर्ज और थारुन मन्नेपल्ली भी चुनौती पेश करेंगे। प्रणय ने 2023 में इसी टूर्नामेंट का खिताब जीता था, लेकिन इस बार पहले दौर में उनका मुकाबला जापान के छठी वरीयता प्राप्त कोडाई नाराओका से होगा।
महिला एकल में भारत की ओर से देविका सिहाग, तन्वी शर्मा, अनमोल खरब, मालविका बंसोड़, ईशारानी बरुआ और तान्या हेमंत हिस्सा लेंगी।
17 वर्षीय तन्वी शर्मा पर विशेष नजरें रहेंगी। वह पहले दौर में थाईलैंड की पिचामोन ओपाटनिपुथ से भिड़ेंगी। तन्वी ने पिछले वर्ष यूएस ओपन में इसी खिलाड़ी को हराया था।
वहीं, अनमोल खरब भी चर्चा में हैं। पिछले सप्ताह बैंकॉक में उन्होंने चीन की विश्व नंबर चार चेन यू फी के खिलाफ निर्णायक गेम में 11-2 की बढ़त गंवा दी थी। इस बार पहले दौर में उनका सामना डेनमार्क की आठवीं वरीयता प्राप्त लाइन क्जाएर्सफेल्ट से होगा।
पुरुष युगल में भारत की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी हरिहरन अम्साकरुनन और एम. आर. अर्जुन ही ड्रॉ में शामिल हैं। पहले दौर में उनका मुकाबला फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव की जोड़ी से होगा।
महिला युगल में अश्विनी भट्ट-शिखा गौतम तथा रुतुपर्णा पांडा-श्वेतपर्णा पांडा की जोड़ियां उतरेंगी।
मिक्स्ड डबल्स में रोहन कपूर-रुत्विका गड्डे और आशित सूर्य-अमृता प्रमुथेश की जोड़ियां भारत की चुनौती पेश करेंगी।
भारतीय शटलरों के लिए आगामी तीन महीने बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें अगस्त में होने वाली विश्व चैंपियनशिप और सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों की तैयारी करनी है।
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