प्रधानमंत्री को रोम में मिला प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज रोम में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (ईफएओ) के मुख्यालय में संगठन की ओर से वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’ प्रदान किया गया। यह पुरस्कार भारत और वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और ग्रामीण विकास के मुद्दों को संबोधित करने में उनके असाधारण नेतृत्व की पहचान के रूप में दिया गया।

 

प्रधानमंत्री ने यह पुरस्कार ईफएओ के महानिदेशक डॉ. क्यू डोंग्यू से प्राप्त किया। उन्होंने इस सम्मान को भारतीय किसानों और भारतीय कृषि वैज्ञानिक समुदाय को समर्पित किया, जो भारतीयों और दुनिया भर के लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा और पोषण सुनिश्चित करने हेतु अथक परिश्रम करते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह सम्मान मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को एक श्रद्धांजलि है। भारत में कृषि-आधारित जीवन की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि कृषि ‘धरती माँ’ और भारतीय लोगों के बीच एक पवित्र बंधन है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेती के प्रति भारत का वैज्ञानिक और नवाचार-आधारित दृष्टिकोण एक सतत, जलवायु-लचीला और भविष्य के लिए तैयार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहा है। इस प्रयास में, उन्होंने बताया कि ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ जैसी पद्धतियाँ और सूक्ष्म-सिंचाई तथा सटीक खेती के प्रति मिशन-आधारित दृष्टिकोण हमारी कृषि नीतियों को दिशा प्रदान कर रहे हैं। प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि समाधानों के बारे में विस्तार से बताते हुए, उन्होंने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, AI-आधारित परामर्श प्रणालियाँ, ड्रोन, रिमोट-सेंसिंग तकनीकें और सेंसर-आधारित मशीनरी भारतीय किसानों को भरपूर फसल और उच्च कृषि आय प्राप्त करने में मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में, भारत ने लगभग 3,000 जलवायु-लचीली फसल किस्मों का विकास किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विज्ञान-संचालित कृषि वैश्विक खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ कर रही है, विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) के देशों के लिए।

 

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि ईफएओ के संस्थापक सदस्य के रूप में, भारत को वैश्विक खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और एक भूख-मुक्त विश्व को बढ़ावा देने के लिए इस संगठन के साथ मिलकर काम करने का सौभाग्य प्राप्त है। उन्होंने ‘अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ के आयोजन के माध्यम से स्वस्थ भोजन विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए ईफएओ को धन्यवाद दिया।

 

ईफएओ मुख्यालय की प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा पिछले 30 वर्षों में किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष द्वारा की गई पहली यात्रा थी।

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