नई दिल्ली : देश में अब मनुष्य के नसों के दर्द, मिर्गी, एंग्जायटी और अन्य बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवा प्रेगबलिन डॉक्टर्स के पर्चे पर ही मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय की शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति कहा गया है कि प्रेगबलिन को शेड्यूल एच 1 के दायरे में लाने का फैसला किया है। यह कदम दवा के बढ़ते दुरुपयोग और बिना डॉक्टर्स की सलाह के इसकी आसान बिक्री पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अब मेडिकल स्टोर्स को इसकी बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि कुछ समय में इस दवा के गलत इस्तेमाल और नशे के तौर पर उपयोग के खुलासे हुए हैं। इसके बाद केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शेड्यूल एच 1 में शामिल होने से दवा की निगरानी मजबूत होगी। अवैध बिक्री पर रोक लगेगी। मरीजों की सुरक्षा पहले से और बेहतर हो सकेगी।
अब यह दवा के केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के लिखे गए वैध नुस्खे पर ही मिलेगी। रिटेलर्स और केमिस्ट को दवा बेचने वाले और लिखने वाले डॉक्टर का पूरा विवरण (नाम, पता, मात्रा) एक अलग रजिस्टर में दर्ज करना होगा। इस दवा की पैकेजिंग पर लाल रंग से स्पष्ट रूप से “चेतावनी ” लिखा होना अनिवार्य किया गया है।
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