नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने सीबीएसई कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के चेकिंग विवाद पर फिर से केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि यह बेहद बड़े पैमाने का डेटा लीक है, जिसने 20 लाख छात्रों की निजता को गंभीर खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि कोएम्प्ट कंपनी की अक्षमता और असंवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर किया। कोएम्प्ट उसी कंपनी है, जिसे सीबीएसई ने आरएफपी की तकनीकी शर्तों में फेरबदल करने के बाद अनुबंध दिया था। इस फेरबदल से संभवतः कोएम्प्ट कंपनी को फायदा पहुंचा।
रमेश ने उत्तर पुस्तिकाओं में दिख रहे कागज के मुड़ने के निशानों और परछाईं जैसे चिह्नों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये निशान आमतौर पर मोबाइल फोन से किए गए स्कैन में दिखते हैं, न कि स्कैनिंग मशीनों से। तीसरे आरएफपी में रोबोटिक स्कैनर की अनिवार्य शर्त को हटा दिया गया था, ऐसे में कोएम्प्ट कंपनी ने आखिर किस प्रकार के स्कैनर्स का उपयोग किया।
जयराम रमेश ने इस पूरे मामले को शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बताते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की संवेदनशील जानकारी का इस तरह लीक होना बेहद गंभीर है और इसमें शामिल कंपनियों तथा अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
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