आईडीएफसी बैंक धोखाधड़ी मामले में रियल स्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा गिरफ्तार

नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईडीएफसी बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा को गिरफ्तार किया है।

 

ईडी के मुताबिक एजेंसी के चंडीगढ़ ज़ोनल कार्यालय ने 29 मई को वाधवा को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर लिया। विशेष पीएमएलए अदालत ने उसे चार दिन की ईडी कस्टडी में भेजा है, जो 2 जून तक रहेगी।

 

जांच में सामने आया कि हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ यूटी प्रशासन और दो निजी स्कूलों के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खातों से कुल 645 करोड़ रुपये की सार्वजनिक राशि का गबन किया गया। वाधवा मुख्य आरोपितों में से एक है, जिसने रिभव ऋषि, अभय कुमार, बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा किया। वाधवा ने इस धन को कई जगहों पर छिपाया और अपने व्यक्तिगत खाते में 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त की। इसके अलावा, उसने नकद राशि भी जुटाई और इन्हें विभिन्न कंपनियों तथा अचल संपत्तियों में निवेश किया।

 

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कई शेल कंपनियों जैसे कैपको फिनटेक सर्विसेज, स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट्स, आर.एस. ट्रेडर्स, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्रा.लि. आदि ने सीधे सरकारी खातों से गबन की गई राशि प्राप्त की। बाद में इन रकमों को आरोपितों और उनसे जुड़ी कंपनियों के खातों में घुमाया गया। सैकड़ों करोड़ रुपये ज्वैलर्स को ट्रांसफर किए गए और बदले में नकद प्राप्त हुआ। यह नकद राशि सरकारी अधिकारियों और कारोबारियों, जिनमें वाधवा भी शामिल है, को बांटी गई।

 

ईडी ने बताया कि धनशोधन की पूरी श्रृंखला का पता लगाने और अन्य लाभार्थियों व संपत्तियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। इससे पहले इसी मामले में अन्य आरोपित रिभव ऋषि और अभय कुमार को 11 मई को गिरफ्तार किया गया था और 11 दिन की रिमांड के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

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