RBI की मौद्रिक नीति : आपकी EMI कम नहीं होगी, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट पर लिया ये फैसला

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जून 2026 की मौद्रिक नीति में रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए स्थिर रखा है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि इस बार भी रेपो रेट वहीं बना रहेगा, जैसा कि अप्रैल में था। अभी भी यह 5.25 प्रतिशत पर स्थिर है। इससे पहले, दिसंबर 2025 में आखिरी बार आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की थी, जब इसे 5.5 प्रतिशत से घटाकर 5.25 प्रतिशत किया गया था।

 

इसके अलावा, बैंकिंग और मौद्रिक नीति की अन्य प्रमुख दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5% पर कायम रहेगा। वहीं, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट भी 5.5% ही रहेंगे। इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति से जुड़ी सभी प्रमुख ब्याज दरों को स्थिर ही रखा है।

 

संजय मल्होत्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महंगाई दर का अनुमान 5.1% है। उन्होंने बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कोर महंगाई दर का अनुमान 4.7% बनाए रखा गया है। गवर्नर ने माना कि फिलहाल महंगाई पर दबाव कम हो रहा है और इसकी स्थिति स्थिर है।

 

GDP वृद्धि का अनुमान घटाया

मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान, आरबीआई ने वैश्विक मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण GDP ग्रोथ के अनुमान में कटौती की है। पहले यह अनुमान 6.9% था, जिसे अब घटाकर 6.5% कर दिया गया है। केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि FY27 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 6.6%, दूसरी तिमाही में 6.3%, तीसरी तिमाही में 6.5% और चौथी तिमाही में 6.8% रहेगी।

 

इसके साथ ही, आरबीआई ने नॉन-रेसिडेंट भारतीयों और भारत के विदेशी नागरिकों के लिए उन इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की सीमा बढ़ाने का ऐलान किया है, जिनमें बिना SEBI रजिस्ट्रेशन के कारोबार होता है। इससे विदेशी नागरिकों और NRIs को भारत में निवेश करने में आसानी होगी।

 

यह फैसला आम जनता के लिए राहत लेकर आया है, क्योंकि मौजूदा ब्याज दरों पर ही बनी रहने से EMI में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। हालांकि, यदि बैंक अपने लोन पर ब्याज दरें नहीं बढ़ाते हैं, तो गृह, कार या अन्य लोन की EMI अभी भी पहले जैसी ही रहेगी।

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