ब्रिक्स सीडब्ल्यूजी के प्रतिनिधियों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में किया दर्शन पूजन

वाराणसी : उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक नगरी वाराणसी में आयोजित ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की दो दिवसीय बैठक में भाग लेने के बाद शनिवार को सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन पूजन किया। मंदिर में बाबा के पावन ज्योर्तिलिंग का दर्शन पूजन के बाद विदेशी मेहमानों ने काशी विश्वनाथ धाम में भ्रमण किया।

 

ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने इस दौरान मंदिर की भव्यता और दिव्यता के साथ भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अनुभव किया। धाम में भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने वाराणसी की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों और ऐतिहासिक महत्व को निकटता से जाना। यह यात्रा उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर बनी।

 

बता दें कि, वाराणसी में आयाेजित हुई दाे दिवसीय बैठक के दाैरान ब्राज़ील, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, दक्षिण अफ़्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि इथियोपिया, मिस्र और रूसी संघ के प्रतिनिधि वर्चुअल रूप से जुड़े थे। इस दाैरान सदस्य देशों ने अपनी प्राथमिकताएं और दृष्टिकोण साझा किए।

 

प्रतिनिधियों ने मंदिर परिसर की भव्यता, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए भारत की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को समझने में गहरी रुचि दिखाई। यह भ्रमण ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद और आपसी समझ को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मंदिर में भ्रमण के बाद मेहमानों ने मंदिर चौक में बाबा के स्वर्णिम शिखर के सामने सामूहिक फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अफसरों ने दल को स्मृतिचिंह भी प्रदान किया।

 

इससे पूर्व शनिवार सुबह ब्रिक्स संस्कृति सम्मेलन के प्रतिनिधियों ने भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ का भ्रमण किया। विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल के आध्यात्मिक वातावरण और ऐतिहासिक महत्व से प्रतिनिधि विशेष रूप से प्रभावित नजर आए। उन्होंने धम्मेक स्तूप सहित विभिन्न बौद्ध स्थलों का अवलोकन किया तथा स्तूप की परिक्रमा कर बौद्ध संस्कृति और दर्शन की गहन अनुभूति प्राप्त की।

 

प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. अरविंद कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने भ्रमण के दौरान भारत की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और जीवंत परंपराओं की जानकारी दी। सारनाथ भ्रमण के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली।

 

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और स्थानीय कला-संस्कृति का अवलोकन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com