ओमान तट के पास जहाज पर हुए हमले में सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्य बचाए गए: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि ओमान तट के पास पलाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी मैरिवेक्स पर हुए हमले में सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए हैं। भारतीय दूतावास ने ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर नाविकों को सुरक्षित निकालने में मदद की। मंत्रालय ने ओमान सरकार का आभार व्यक्त किया।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि ओमान तट के पास पलाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी मैरिवेक्स पर हमला हुआ था। घटना से पहले जहाज के चालक दल और अमेरिकी नौसेना के बीच कुछ संवाद हुआ था। जहाज पर चालक दल के कुल 24 सदस्य सवार थे, सभी भारतीय नागरिक हैं। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। भारतीय दूतावास ने ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर बचाव अभियान संचालित किया। मंत्रालय ने ओमान सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि दूतावास नाविकों के संपर्क में है।

 

उल्लेखनीय है कि मुंबई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी मुंबई) को सोमवार दोपहर करीब 2:20 बजे जहाज पर हमले की सूचना मिली थी। यह सूचना जहाज पर मौजूद एक नाविक के परिजन द्वारा दी गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एमआरसीसी मुंबई ने तुरंत ओमान के समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र (ओएमएससी) से संपर्क किया और चालक दल को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके बाद ओमान की एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई शुरू की।

 

ओमान के समुद्री बचाव केंद्र ने शाम करीब पांच बजे पुष्टि की कि ओमान नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया और किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। भारतीय तटरक्षक बल ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि एमआरसीसी मुंबई ने सूचना मिलते ही तुरंत ओमान की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया, जिसके चलते सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाया जा सका।

 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बयान जारी कर कहा था कि 8 जून को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने एक खाली टैंकर को रोक दिया था। यह टैंकर ईरान के बंदरगाह तक जाने की कोशिश करके नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। जब चालक दल ने अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन नहीं किया, तो एफ/ए‑18 सुपर हॉर्नेट विमान ने जहाज पर हमला किया।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com