New Delhi : पिछले दो दिनों से देश की सियासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कांग्रेस में दोबारा विलय की तैर रही खबरों पर आखिरकार गुरुवार को पूरी तरह से विराम लग गया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इन तमाम कयासबाजियों और मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘पूरी तरह निराधार और कोरी अफवाह’ करार दिया है। वेणुगोपाल ने साफ किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान सोनिया गांधी व राहुल गांधी से हुई मुलाकातें किसी विलय के लिए नहीं, बल्कि विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन को और अधिक धारदार व मजबूत बनाने की एक रणनीतिक शिष्टाचार भेंट थी।
क्यों तेज हुईं विलय की अटकलें? बैक-टू-बैक मुलाकातों का सच
दरअसल, देश के राजनीतिक पंडितों के बीच इस बात की चर्चा तब चरम पर पहुंच गई, जब मंगलवार को टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके आवास पर अकेले में लंबी मुलाकात की। इसके ठीक अगले दिन बुधवार को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ ‘वन-टू-वन’ गुप्त गुफ्तगू की। इन बैक-टू-बैक हाई-प्रोफाइल मुलाकातों को लेकर सियासी गलियारों में दावे किए जाने लगे कि टीएमसी का कांग्रेस में विलय हो सकता है।
इस पर सफाई देते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा-
“यह बैठक सिर्फ इंडिया गठबंधन की चर्चा का एक विस्तार मात्र थी, क्योंकि आज देश का हर विपक्ष दल इस जनविरोधी और अलोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना चाहता है। हमारी बातचीत का एकमात्र बिंदु यही था, इसके अलावा और कुछ नहीं। हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे।”
उधर, पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस विधायक दल के नए और बहुसंख्यक गुट के नेता व आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने भी कोलकाता में बयान जारी कर कांग्रेस और टीएमसी के विलय की किसी भी संभावना को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।
मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा एलान: 3 महीने तक सड़कों पर मचेगा रार
विलय की खबरों पर पूर्णविराम लगाने के साथ ही कांग्रेस ने केंद्र की एनडीए सरकार के खिलाफ एक बड़े और आक्रामक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। केसी वेणुगोपाल ने एलान किया कि कांग्रेस आगामी तीन महीनों के लिए एक सघन राष्ट्रीय अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत ब्लॉक स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी का हर छोटा-बड़ा नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेगा। कांग्रेस इस आंदोलन के जरिए देश में बढ़ती महंगाई, रिकॉर्ड बेरोजगारी, हालिया परीक्षा घोटालों (Paper Leak), सामाजिक असमानता और खाड़ी देशों के संघर्ष के बीच केंद्र सरकार की कमजोर कूटनीति जैसे जलते मुद्दों पर सरकार को चौतरफा घेरेगी।
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों हुआ रद्द? वेणुगोपाल ने खोला राज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेणुगोपाल ने कांग्रेस की फायरब्रांड नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के संवेदनशील मुद्दे पर भी पार्टी की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की। उन्होंने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने की एकमात्र वजह यह थी कि वह एक पुराने अदालती नोटिस का समय पर खुलासा (Disclosure) नहीं कर पाई थीं। वेणुगोपाल ने जोर देकर कहा कि मीनाक्षी जी के खिलाफ न तो कोई आपराधिक मामला है, न ही कोई एफआईआर या चार्जशीट दर्ज है। सिर्फ एक छोटे से नोटिस की जानकारी न दे पाने को ढाल बनाकर उनका पर्चा खारिज कर दिया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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