कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में शिकस्त झेलने, सत्ता गंवाने और अपनी ही पार्टी के भीतर मचे भीषण आंतरिक विद्रोह व बिखराव के बीच ममता बनर्जी पर एक और कानूनी गाज गिरी है। कोलकाता के प्रसिद्ध हेयर स्ट्रीट (Hair Street) थाने में कथित तौर पर हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) और सांप्रदायिक टिप्पणी करने के आरोप में ममता बनर्जी के खिलाफ एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
विरोध प्रदर्शन के मंच से ‘सांप्रदायिक टिप्पणी’ करने का आरोप
मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला बंगाल चुनाव से ठीक पहले कोलकाता में आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन के मंच से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ममता बनर्जी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए मंच से कथित तौर पर ऐसी टिप्पणियां की थीं जो सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली और पूरी तरह से सांप्रदायिक थीं। इस मामले को लेकर कोर्ट के रुख और कानूनी पेचीदगियों के बाद अब कोलकाता पुलिस के हेयर स्ट्रीट थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी गई है।
पार्टी में भीषण बगावत: विधायक टूटे, सीआईडी की रेड से बढ़ी टेंशन
ममता बनर्जी के लिए यह कानूनी झटका ऐसे समय पर आया है जब उनकी 28 साल पुरानी पार्टी (TMC) अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकट और विभाजन के मुहाने पर खड़ी है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद हाल ही में टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने ममता और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया था।
विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर वाले एक कथित प्रस्ताव को लेकर राज्य की सीआईडी (CID) भी इस वक्त एक्शन में है, जिसने हाल ही में ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास-सह-कार्यालय परिसर में घंटों छापेमारी और जांच-पड़ताल की थी।
सत्ता भी गई और अब करीबियों पर कस रहा शिकंजा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता हाथ से जाने के बाद ममता बनर्जी पूरी तरह से चौतरफा राजनीतिक और कानूनी मोर्चों पर घिर चुकी हैं। एक तरफ जहां उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं पर केंद्रीय व प्रांतीय जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय थानों में दर्ज हो रहे हेट स्पीच और अन्य मामले उनकी बची-खुची राजनीतिक जमीन को भी संकट में डाल रहे हैं। इस ताजा एफआईआर के बाद कोलकाता सहित पूरे पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर उबाल आ गया है।
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