मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर चल रहे घमासान के बीच एक बड़ी कार्रवाई की गई है। उद्धव गुट के बागी सांसदों को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब पार्टी के चीफ सेक्रेटरी अनिल देसाई ने व्हिप जारी होने के बावजूद बागी सांसदों को लोकसभा की बैठक में शामिल न होने के लिए नोटिस भेजा है। इस नोटिस में उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया है ताकि अपनी गैरमौजूदगी का कारण स्पष्ट कर सकें।
आदेश में कहा गया है कि, “आपने अपनी पार्टी के संसदीय गुट के नेता और सांसद अरविंद सावंत या चीफ सेक्रेटरी के रूप में मुझे अपने गैरहाजिरी का कोई कारण नहीं बताया है। पार्टी ने इस बैठक में आपकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया है और यह पार्टी के आदेश का उल्लंघन है।”
अनिल देसाई ने आगे कहा कि, “इसलिए, मैं यह शो कॉज नोटिस जारी कर रहा हूं और आपको यह पत्र मिलने के 24 घंटे के भीतर अपने इस पार्टी-विरोधी गतिविधियों का स्पष्ट जवाब देने का निर्देश दे रहा हूं।” उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समयावधि में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो माना जाएगा कि आपने स्वेच्छा से शिवसेना (उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली) पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि, “भारत के संविधान के दसवें शेड्यूल के तहत, आप अपने कार्यों के जिम्मेदार होंगे।”
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों की बगावत के बीच, उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार (19 जून) को अपने भावुक भाषण में कहा कि चुनौतियों और हमलों के बावजूद उनका संकल्प नहीं डिगा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि पार्टी में उनके ऊपर भरोसा और विश्वास नहीं रहा, तो वह पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं। ठाकरे ने कहा कि उन्होंने पिछले दस वर्षों से पार्टी का नेतृत्व किया है और लगातार हो रहे हमलों के मद्देनजर, वह शिवसेना (यूबीटी) के शीर्ष पद से भी हटने को तैयार हैं।
Shaurya Times | शौर्य टाइम्स Latest Hindi News Portal