नई दिल्ली। तेलंगाना के हैदराबाद और तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले से एक दिन पहले NEET-UG री-एग्जाम के तनाव के चलते दो छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। इन घटनाओं ने परीक्षा के दबाव में छात्रों की मानसिक स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है।
हैदराबाद में 19 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या
हैदराबाद के मियापुर इलाके में रहने वाली 19 वर्षीय युवती ने शनिवार को अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा, “मुझे माफ करना, मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।” प्रारंभिक जांच के अनुसार, छात्रा ने NEET परीक्षा के तनाव के कारण यह कदम उठाया हो सकता है।
तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के होसुर में छात्र की आत्महत्या
वहीं, तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के होसुर में एक 20 वर्षीय छात्र ने भी परीक्षा के अत्यधिक दबाव और असफलता के डर से आत्महत्या कर ली। छात्र का नाम वेट्रियानंथम है, जो पिछले तीन वर्षों से NEET की तैयारी कर रहा था।
पुलिस को घटनास्थल से एक भावुक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा है कि, “नीट के डर से पिछले एक महीने से नींद नहीं आ रही थी। इस बार भी असफल होने का डर था, इसलिए यह कदम उठा रहा हूं। अम्मा, अप्पा, अन्ना… मुझे माफ कर दीजिए।”
वेट्रियानंथम अपने परिवार के साथ तमिलनाडु हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता था। उसके पिता एक निजी कंपनी में काम करते हैं। जब वह अपने घर में था, उस समय उसकी माँ दुकान पर गई हुई थीं और पिता काम पर। उसने यह कदम तब उठाया जब घर में कोई नहीं था।
तमिलनाडु पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि परीक्षा के अत्यधिक दबाव और असफलता का डर ही इन युवाओं की आत्महत्या का कारण हो सकता है।
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