नई दिल्ली। टेरर फंडिंग के मामले में जेल में बंद बारामूला से लोकसभा सांसद इंजीनियर रशीद अपने पद से इस्तीफा देने का संकेत दे रहे हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे की पेशकश पार्टी के सामने रखी है, जिसके बाद अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) को यह निर्णय लेना है कि इस मुद्दे पर जनता की क्या राय है।
रशीद अगस्त 2019 से नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं और उन पर गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत टेरर फंडिंग और साजिश रचने के आरोपों में मुकदमा चल रहा है।
रशीद ने जेल में रहते हुए 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, और अब उन्होंने कहा है कि वे सांसद पद छोड़ना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वे अपने मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रहे हैं और उनकी सेवा नहीं कर पा रहे हैं, जिन्होंने भारी समर्थन के साथ उन्हें चुना था।
अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) के मुख्य प्रवक्ता इनाम-उन-नबी ने बताया कि पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की है और बारामूला संसदीय क्षेत्र के सभी 18 विधानसभा क्षेत्रों के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को शामिल करते हुए एक व्यापक परामर्श प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, “इस मामले के सभी पहलुओं पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, राजनीतिक मामलों की समिति ने तय किया है कि विभिन्न स्तरों पर पार्टी पदाधिकारी दो दिवसीय परामर्श प्रक्रिया में भाग लेंगे ताकि यह तय किया जा सके कि क्या इंजीनियर रशीद को सांसद बने रहना चाहिए या पद छोड़ देना चाहिए।”
पार्टी जनता की राय जानने के लिए गुप्त मतदान का भी सहारा ले सकती है, यदि आवश्यक हुआ तो। इस प्रक्रिया में पंचायत और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी आम जनता और समाज के विभिन्न वर्गों से बातचीत कर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, ताकि अंतिम निर्णय जनता की इच्छाओं और भावनाओं के आधार पर लिया जा सके।
इनाम-उन-नबी ने कहा कि इस परामर्श का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इंजीनियर रशीद का भविष्य उनके समर्थकों और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप तय हो। उन्होंने यह भी कहा कि परामर्श और मतदान के परिणामों की जानकारी औपचारिक रूप से रशीद को दी जाएगी, ताकि वह इस मामले में सोच-समझकर फैसला कर सकें।
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