पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला अब केवल एक एनकाउंटर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे बिहार में कानून-व्यवस्था, पुलिस की कार्यशैली और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पप्पू यादव ने कहा कि इस घटना पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। पूर्व पुलिस अधिकारियों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, “पूरे देश में चर्चा है कि क्या बिहार सरकार संविधान और कानून से ऊपर है।”
वीडियो कॉल का जिक्र और आरोप
पप्पू यादव ने बताया कि पटना से गया था वीडियो कॉल, और इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस मुख्यालय इस पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “सरकार को पता है कि स्थानीय एसपी, डीएसपी या थानेदार नहीं, बल्कि पुलिस मुख्यालय से ही निर्देशित होकर यह गोली मारी गई है।”
उन्होंने आगे कहा, “भोजपुर एसपी को वीडियो कॉल पर किसने कहा कि हाथी पागल हो तो मार सकते हैं, तो आदमी पागल है तो क्यों नहीं? यह पूरी कार्रवाई सरकार की ओर से निर्देशित थी।”
सरकार पर आरोप और न्याय की मांग
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को दबाने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर या उन्हें जेल भेजकर पूरे प्रकरण को खत्म करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना के कारण सामाजिक वर्गों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
उन्होंने मांग की कि इस एनकाउंटर की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से कराई जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि बिहार में जातीय उन्माद फैलाने का आरोप लगाते हुए, नालंदा में हुई मॉब लिंचिंग की भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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