जम्मू-कश्मीर। बुधवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून के जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पहुंचने के साथ ही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। जम्मू-कश्मीर के डोडा, किश्तवाड़, बांडीपोरा सहित कई इलाकों में अचानक बादल फटने से बाढ़ आ गई, जिससे व्यापक नुकसान हुआ है।
इन इलाकों में सड़कें बंद हो गई हैं, और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। अभी तक किसी जानी नुकसान की खबर नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डॉ. मुख्तयार अहमद ने पुष्टि की है कि दोनों प्रदेशों में मानसून सामान्य समय पर, यानी 30 जून के आसपास पहुंच गया है।
किश्तवाड़ जिले में मचैल और मिंधल यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। साथ ही, बादल छाए रहने के कारण कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा भी प्रभावित रही। डोडा जिले के भलेसा के कालजुगासर और सेरू इलाकों में बुधवार को दो बार बादल फटा, जिससे अचानक बाढ़ आ गई। इससे कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। किश्तवाड़ के सरथल क्षेत्र के गहान और मचीपाल इलाकों में भी भारी बारिश और मलबे के कारण बचाव कार्य बाधित हो रहे हैं।
घाटी में बांडीपोरा के गुरेज की तुलैल में जादीगे नाले के पास बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे खड़ीशेय–जादीगे सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बाढ़ के कारण किशनगंगा नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
इस दौरान, स्थानीय स्कूल में कई छात्र मौजूद थे, जिन्हें ग्रामीणों ने समय रहते सुरक्षित निकाल लिया। वहीं, कारगिल जिले में शाफत नाले में आई बाढ़ के कारण मलबा सड़क पर आ गया, जिससे जंस्कार–कारगिल मार्ग बंद हो गया है। जबकि, कठुआ जिले का बनी-बसोहली मार्ग भूस्खलन के कारण पांच घंटे के लिए बंद रहा।
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