अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को हुई अहम बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार, चंपत राय बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर देर शाम तक चर्चा जारी रही और इस पर अंतिम निर्णय को लेकर मंथन चलता रहा।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान गोपाल राव को अंदर जाने से रोक दिया गया। बताया गया कि जिस स्थान पर बैठक चल रही थी, वहां पहुंचने पर ट्रस्ट के सदस्यों ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा, जिसके बाद वह परिसर से बाहर आ गए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच बुलाई गई इस बैठक में एसआईटी की रिपोर्ट, वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट और मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। पहले यह बैठक अयोध्या स्थित मणिरामदास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसका स्थान बदलकर राम मंदिर परिसर कर दिया गया।
बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार किया गया। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट ने चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जबकि अनिल मिश्रा के मामले में सदस्यों के बीच चर्चा जारी है। माना जा रहा है कि ट्रस्ट दोनों पक्षों की स्थिति पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय ले रहा है।
चंपत राय उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना के निवासी हैं और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। आपातकाल के दौरान वर्ष 1975 में उन्हें 18 महीने तक जेल में रहना पड़ा था। उस समय वह धामपुर के आरएसएम कॉलेज में रसायन विज्ञान विभाग में प्रोफेसर थे।
बैठक में दानपात्र में प्राप्त होने वाली राशि की गणना व्यवस्था, मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और एसआईटी की रिपोर्ट से जुड़े बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। चढ़ावा चोरी विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठे हैं। ऐसे में ट्रस्ट के सामने अपनी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।
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