नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नीतिशास्त्र के एक प्रसिद्ध श्लोक में देश के समावेशी विकास और राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर श्लोक को उद्धृत किया, “’कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्।राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥’ इसका अर्थ है कि महिलाओं का कल्याण सुनिश्चित करना, युवा पीढ़ी की रक्षा और पोषण करना तथा राष्ट्र की एकता, सुरक्षा, समृद्धि और सुचारु शासन के लिए निरंतर आवश्यक व्यवस्था करना जन प्रतिनिधि का निरंतर कर्तव्य है।
‘कन्यानां सम्प्रञ्च कुमारानाञ्च रक्षणम्।राष्ट्रस्यङेग्रह नित्यं विहितमिदमाचरेत्॥’ इस सुभाषितम का अर्थ है कि जब चौतरफा विकास के साथ हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तब राष्ट्र की प्रगति भी नई गति पकड़ती है। इसी प्रेरक भावना के साथ हम भारत की दृढ़ता को निरंतर महत्व देते हैं।”
Shaurya Times | शौर्य टाइम्स Latest Hindi News Portal