‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0’ का शुभारंभ : मोहन यादव बोले-प्रदेश टेक्नोलॉजी और हाई-टेक निवेश का हब बन रहा

भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश टेक्नोलॉजी और हाई-टेक निवेश का हब बन रहा है। देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी ने यह संकेत भी दिया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की विकास यात्रा तकनीक और नवाचार के सहारे नई ऊंचाइयों को छू सकती है। इस अवसर पर प्रदेश की प्रौद्योगिकी विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0’ का शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ₹178.70 करोड़ के निवेश से स्थापित 20 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण किया, जिनसे 1,229 नए रोजगार सृजित होंगे।

 

इस दौरान इंडिया लीड फॉर गूगल प्ले और एमपीएसईडीसी के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ। वहीं, स्पेन के बार्सिलोना स्थित सबमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पैट्रिक स्मेट्स सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में इकाइयां स्थापित करने के लिए लेटर ऑफ अलॉटमेंट प्रदान किए गए।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश भारत की तकनीकी अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण इंजन बनने की तैयारी कर चुका है। देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी ने यह संकेत भी दिया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की विकास यात्रा तकनीक और नवाचार के सहारे नई ऊंचाइयों को छू सकती है।”

 

40 हजार करोड़ के निवेश और 35 हजार नौकरियों का लक्ष्य

 

कॉन्क्लेव का शुभारंभ निवेश को धरातल पर उतारने का संदेश देने के साथ हुआ। इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि भविष्य की निवेश संभावनाओं का व्यापक रोडमैप है। मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के दौरान 51 विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी, जिनके माध्यम से प्रदेश में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश और 35 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

 

उन्होंने कहा कि यह आयोजन मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर उद्योग का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा। यह वही क्षेत्र हैं, जो आने वाले दशक में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे।

 

‘ड्रोन से मिसाइल तक’ बदलती औद्योगिक पहचान

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाई है। इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ा है। कभी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए पहचाना जाने वाला प्रदेश अब ड्रोन, रक्षा उपकरणों और मिसाइल निर्माण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। यह परिवर्तन इस बात का संकेत है कि प्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों के साथ अत्याधुनिक विनिर्माण और डिजिटल तकनीकों का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है।

 

बार्सिलोना से मिला निवेश, एआई डेटा सेंटर से बढ़ेगी नई पहचान

 

मुख्यमंत्री ने अपने विदेश दौरों का उल्लेख करते हुए बताया कि बार्सिलोना यात्रा के बाद स्पेन, अमेरिका और कनाडा की कंपनियों ने लगभग 228 करोड़ रुपये का निवेश मध्य प्रदेश में किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में बार्सिलोना में 1 गीगावाट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण समझौता हुआ था और अब संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि भोपाल पहुंच चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि वैश्विक निवेशकों का भरोसा मध्यप्रदेश पर लगातार बढ़ रहा है।

 

उन्होंने कहा कि एआई डेटा सेंटर, साइंस सिटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार आधारित परियोजनाएं आने वाले समय में प्रदेश की नई पहचान बनेंगी।

 

आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा नया विस्तार

 

इस अवसर पर तकनीकी निवेश को गति देने के लिए राज्य सरकार ने आईटी पार्कों के विस्तार की भी घोषणा की। इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर लगभग 3 लाख वर्गफुट क्षेत्र में आधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जहां कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध होगी।

 

भोपाल आईटी पार्क का लगभग 4 लाख वर्गफुट में विस्तार किया जाएगा, ताकि डिजिटल सेवा कंपनियां अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ कार्य कर सकें। इसके अलावा भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में 5 एकड़ भूमि पर नया आईटी पार्क बनाया जाएगा। ग्वालियर में भी इसी प्रकार से विकास की योजना का जिक्र हुआ। इन परियोजनाओं से प्रदेश में आईटी कंपनियों का विस्तार होगा और स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

 

दुनिया की अग्रणी कंपनियों का भरोसा

 

कॉन्क्लेव में फुजियामा पॉवर, सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स, न्योबोल्ट लिमिटेड, केन्स टेक्नोलॉजीस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि मध्य प्रदेश अब वैश्विक निवेशकों की प्राथमिकता में शामिल हो रहा है। इसके साथ ही आईआईएम इंदौर और आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की सहभागिता ने उद्योग, अनुसंधान और कौशल विकास को एक साझा मंच प्रदान किया। तकनीकी प्रदर्शनी में नवीनतम डिजिटल समाधानों और अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन भी निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहा।

 

पहले दो संस्करणों की सफलता ने बढ़ाया विश्वास

 

एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो संस्करण प्रदेश के लिए उल्लेखनीय रहे हैं। पहले संस्करण में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनसे लगभग 75 हजार रोजगार के अवसर बनने का अनुमान था। वहीं, दूसरे संस्करण में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया और करीब 48 हजार युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बनीं। इन सफलताओं ने तीसरे संस्करण के प्रति उद्योग जगत का विश्वास और अधिक मजबूत किया है।

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