नई दिल्ली/अयोध्या : अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने इस कथित वित्तीय घोटाले का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच दल (SIT) को अब तक की गई तफ्तीश की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का सख्त आदेश दिया है। इस बड़े एक्शन के बाद अब कोर्ट इस संवेदनशील मामले पर अगली सुनवाई आगामी 20 जुलाई को करेगा।
अदालत की निगरानी में जांच की मांग, इन तीन बड़ी याचिकाओं पर हुई सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई इन जनहित याचिकाओं में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिलने वाले करोड़ों रुपये के दान और चढ़ावे के प्रबंधन (मैनेजमेंट) में भारी वित्तीय गड़बड़ी और गबन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाओं में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अदालत की सीधी निगरानी में एक उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने इस मामले से जुड़ी तीन प्रमुख याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। इनमें वरिष्ठ वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी की रिट याचिका, अजय कुमार राय व अन्य की ओर से दायर क्रिमिनल रिट याचिका और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह की अलग से दाखिल याचिका शामिल है।
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