नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पासपोर्ट का उद्देश्य भारतीय नागरिकों के देश से बाहर जाने को विनियमित करना है और इसे उचित सत्यापन के बाद जारी किया जाता है। यह बयान पासपोर्ट को नागरिकता सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जाने पर चल रही बहस के बीच आया है। मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में 8 प्रतिशत से भी कम भारतीय नागरिकों के पास पासपोर्ट है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि भारतीय पासपोर्ट ‘पासपोर्ट अधिनियम, 1967’ के अनुसार भारत के नागरिकों के भारत से प्रस्थान को विनियमित करने के लिए भारत सरकार की ओर से जारी किया जाने वाला दस्तावेज है। इसे एक स्थापित प्रक्रिया के तहत उचित सत्यापन के बाद जारी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों या किसी अन्य व्यक्ति को पासपोर्ट जारी करना पासपोर्ट अधिनियम, 1967 और पासपोर्ट नियम, 1980 द्वारा शासित होता है। वर्तमान में 8 प्रतिशत से भी कम भारतीय नागरिकों के पास पासपोर्ट है।
उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने 24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर आयोजित एक ब्रीफिंग में पासपोर्ट को एक यात्रा दस्तावेज बताया था और कहा था कि यह नागरिकता का दस्तावेज नहीं है।
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