नई दिल्ली : कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आर्थिक नीतियों में विफल रहने और लगातार बढ़ती महंगाई दर के कारण देश को भीषण आर्थिक संकट में धकेलने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि जब अर्थव्यवस्था के सारे बुनियादी संकेतक ‘रेड अलर्ट’ पर हैं, तब सरकार जनता का ध्यान भटकाने और आंकड़े छिपाने में व्यस्त है।
पार्टी महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने बुधवार को एक्स पर एक अखबार में छपे लेख का हवाला देते हुए लिखा कि 44 महीने में सबसे भीषण थोक महंगाई (9.87%) दर्ज हुई है, ईंधन‑बिजली में 27.4% की बढ़ोतरी हुई है और इस बार खेती की बुवाई तीन साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर रही है। आम जनता महंगाई और बेरोजगारी से पस्त है, जबकि अन्नदाता सरकार की गलत नीतियों और मौसम की दोहरी मार से त्रस्त है।
रमेश ने आरोप लगाया कि महंगाई बढ़ने से उद्योगों की लागत भी बढ़ चुकी है और सरकार इसे नियंत्रित करने की बजाय भयावह आंकड़ों को छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि थोक महंगाई के नवीनतम आंकड़े मोदी सरकार की आर्थिक कुनीतियों और विफलता का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि जब देश का हर वर्ग त्राहि‑त्राहि कर रहा है, तब सरकार की प्राथमिकताएं आखिर हैं। केंद्र सरकार को 12 साल सरकार चलाने के बाद इस आर्थिक नाकामी का जवाब देना होगा।
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