असम में ‘भूमि अधिकार कार्यकर्ता’ प्रणब डोले पर एनएसए लगाने की कांग्रेस ने की निंदा

नई दिल्ली : कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने असम सरकार द्वारा ‘भूमि अधिकार कार्यकर्ता’ प्रणब डोले पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह निवारक हिरासत कानूनों का खुला दुरुपयोग है और अदालत के आदेश को निष्प्रभावी करने की कोशिश है।

 

रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि 29 जुलाई को सेशंस कोर्ट ने डोले को जमानत दी थी और अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि ‘जहां पारिस्थितिक संरक्षण और आदिवासी अस्तित्व का सवाल जुड़ा हो, वहां वैध स्थानीय चिंताओं को दबाने के लिए आपराधिक कानून का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।’ इसके बावजूद 30 जुलाई को असम सरकार ने एनएसए लगाकर उन्हें हिरासत में ले लिया।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि डोले को इसलिए निशाना बनाया गया, क्योंकि उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन किया था, जो काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास प्रस्तावित पांच सितारा रिसॉर्ट का विरोध कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने 2022 से इस परियोजना के खिलाफ आंदोलन किया है और यहां तक कि गुवाहाटी हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है।

 

रमेश ने कहा कि एनएसए आदेश में अस्पष्ट आरोप लगाए गए हैं, जैसे टसंदिग्ध विदेशी लेन-देन, जो उनके अनुसार केंद्र सरकार का परिचित तरीका है। भाजपा सरकारें मजदूरों, आदिवासियों और हाशिए पर खड़े समुदायों की वैध शिकायतों को गिरफ्तारियों और कठोर कानूनों के जरिए दबा नहीं सकतीं।

 

—————

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com