साओ पाउलो : ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक भेदभाव को लेकर विवाद गहरा गया है। राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के चुनाव अभियान की शिकायत पर देश की शीर्ष चुनावी अदालत के एक न्यायाधीश ने मेटा को निर्देश दिया कि वह दोनों राष्ट्रपति उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करे। हालांकि, मेटा ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके प्लेटफॉर्म किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर कंटेंट को दबाते या बढ़ावा नहीं देते।
अमेरिका की राष्ट्रीय प्रसारण कंपनी (एनबीसी)
और अमेरिकी टेलीविज़न नेटवर्क (एबीसी) के मुताबिक, लूला के चुनाव अभियान ने आरोप लगाया था कि इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सऐप की मालिक कंपनी मेटा के एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल विपक्षी उम्मीदवार फ्लेवियो बोल्सोनारो को फायदा पहुंचा रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, लूला और उनके समर्थकों की पोस्ट की पहुंच कथित तौर पर कम की गई, जबकि विपक्षी खेमे से जुड़े कुछ अकाउंट्स को अधिक दृश्यता मिली।
चुनावी अदालत के न्यायाधीश मार्को ऑरेलियो बेलिज़े ने आदेश दिया कि मेटा राजनीतिक कंटेंट की पहुंच कम करने, खोज परिणामों को सीमित करने या पोस्ट हटाने जैसी गतिविधियों में ऐसा भेदभाव नहीं कर सकती, जिससे उम्मीदवारों के बीच असमानता पैदा हो। साथ ही, कंपनी के AI टूल्स को दोनों उम्मीदवारों के लिए समान मानदंड लागू करने होंगे। आदेश का पालन नहीं करने पर कंपनी पर प्रतिदिन 5 लाख ब्राजीलियाई रियास का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान बताया गया है।
लूला के अभियान ने दावा किया कि व्हाट्सऐप के मेटा AI फीचर के जरिए राष्ट्रपति लूला की प्रचार संबंधी तस्वीरें बनाने में कुछ उपयोगकर्ताओं को परेशानी हुई, जबकि फ्लेवियो बोल्सोनारो के समर्थन में ऐसी सामग्री तैयार की जा सकती थी।
मेटा ने इन समस्याओं को राजनीतिक भेदभाव का परिणाम मानने से इनकार किया। कंपनी के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण इंस्टाग्राम रील्स के व्यू काउंट और पोस्ट से विज्ञापन बनाने वाले एक टूल पर असर पड़ा था। कंपनी ने यह भी कहा कि AI से जुड़ी कुछ सीमाएं तकनीकी कमियों के कारण थीं, न कि किसी उम्मीदवार को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से।
मेटा ने अपने बयान में कहा कि कंपनी ब्राजील के चुनावी कानूनों का पालन करती है और सभी उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों तथा विचारधाराओं पर समान नियम लागू करती है। कंपनी ने आरोपों को अलग-अलग तकनीकी समस्याओं को जोड़कर बनाई गई राजनीतिक कहानी बताया।
हालांकि, कंपनी ने कथित तौर पर बोल्सोनारो से जुड़े कुछ इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप चैनलों को एल्गोरिदम संबंधी सलाह दिए जाने के मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया। इस मुद्दे पर विवाद बना हुआ है।
इस बीच, फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ रियो डी जेनेरियो से जुड़े एक शोध समूह के अध्ययन में दावा किया गया कि मेटा ने जुलाई से सितंबर के बीच कम से कम 1,613 कथित अनियमित राजनीतिक विज्ञापनों को मंच पर चलने दिया। अध्ययन के अनुसार, इन विज्ञापनों को लगभग 17.1 करोड़ बार देखा गया और उनसे करीब 20 लाख ब्राजीलियाई रियास का राजस्व प्राप्त हुआ।
शोधकर्ताओं ने कहा कि ब्राजील के चुनावी नियमों के तहत राजनीतिक विज्ञापन खरीदने की अनुमति पर स्पष्ट प्रतिबंध लागू होते हैं। हालांकि, इन विज्ञापनों और कथित उल्लंघनों को लेकर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तथा नियामकीय निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
राष्ट्रपति लूला की सरकार ऑनलाइन सुरक्षा, भ्रामक सूचनाओं और नफरत फैलाने वाली सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की वकालत करती रही है। दूसरी ओर, आलोचकों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सख्त नियंत्रण से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।
मेटा ने स्पष्ट किया है कि वह अदालत में अपना पक्ष रखेगी। अब इस मामले में अदालत के निर्देशों के पालन, तकनीकी गड़बड़ियों की जांच और राजनीतिक कंटेंट के वितरण में पारदर्शिता पर सबकी नजर रहेगी।
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