
बांदा। पूर्वांचल के बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के बांदा में भी करीबी हैं, जो मुख्तार अंसारी से संबंधित सूचनाएं उनके बेटों का पहुंचाते हैं। ऐसे करीबियों को पुलिस ने चिन्हित कर लिया है और उन पर पैनी नजर रखी जा रही है। साथ ही उनके मोबाइल सर्विलांस में लगे हैं, जिससे उन्हें चिन्हित करने में मदद मिली है। चिन्हित किए गए उनके खासम खास व्यक्तियों पर कभी भी गाज गिर सकती है।
बताते चलें कि, पिछले महीने मुख्तार अंसारी की लखनऊ में पेशी थी। जब उन्हें पेशी में ले जाने के लिए मेडिकल चेकअप कराया जा रहा था। तभी उनके खास लोग सक्रिय हो गए और जेल पर नजर रखते हुए पल-पल की खबरें भेजने लगे। जिससे मुख्तार अंसारी के मऊ विधायक पुत्र ने सोशल मीडिया में इन सूचनाओं को ट्वीट करना शुरू कर दिया। जिससे मीडिया में भी खबरें सुर्खियां बनने लगी।
सूचना लीक होने की जानकारी डीजी जेल को मिली तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी को सौंपी थी। डीआईजी ने 1 सप्ताह पहले बांदा जेल के अधिकारी व कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की थी। इसके बाद पांच सुरक्षाकर्मियों को यहां से हटा कर दूसरी जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया। साथ ही सूचना लीक करने वाले मुख्तार अंसारी के खास व्यक्तियों पर नजर रखी गई।
सूचना लीक करने वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए ही प्रशासन ने जेल के आसपास रहने वाले किरायेदारों का सत्यापन कराया और मकान मालिकों को भी चेतावनी दी कि किसी भी व्यक्ति को यहां किराए पर रखने से पहले प्रशासन को जरूर अवगत कराएं। इतना ही नहीं कुछ ऐसे व्यक्तियों को भी पुलिस चिन्हित करने में कामयाब हुई है जो स्थानीय है और मुख्तार अंसारी के नजदीकी व्यक्तियों से संपर्क बनाए हुए हैं। उनका मऊ तक आना जाना भी पाया गया है। इनमें कुछ पत्रकार भी पुलिस की रडार में है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि सूचना लीक करने में पत्रकारों का भी हाथ है।
सूत्रों के मुताबिक, ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, फिलहाल किसी तरह के किसी तरह के कोई संकेत नहीं मिले हैं लेकिन ऐसे व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है। डीआईजी जेल की रिपोर्ट डीजी जेल को भेजी गई है इस रिपोर्ट के आधार पर किस पर गाज गिरेगी, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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