आज ही के दिन द्रविड़ के साथ गांगुली ने रचा था इतिहास…

भारतीय क्रिकेट की कई पारियां यादगार हैं. इन पारियों में एक पारी ऐसी है जिसमें भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज बल्लेबाजों ने एक खास रिकॉर्ड बनाया था. बात 1999 की है जब इंग्लैंड में आईसीसी का वर्ल्डकप चल रहा था. टीम इंडिया की कप्तानी मोहम्मद अजहरुद्दीन के हाथों में थी. आज ही के दिन, यानि 26 मई को भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबला होना था. टूर्नामेंट में टीम इंडिया इससे पहले दक्षिण अफ्रीका से हार चुकी थी लेकिन उसने जिम्बाब्वे और केन्या को हरा भी दिया था. इसके बाद श्रीलंका से मुकाबला अहम था. 

इस मैच में सौरव गांगुली ने वनडे क्रिकेट का उस समय का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड बनाया तो राहुल द्रविड़ ने भी शानदार 145 रन बनाए जो उस समय उनके वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर था. हालाकि द्रविड़ ने उसी साल भारत में आकर अपना रिकॉर्ड सुधारा और न्यूजीलैंड के खिलाफ 153 रन बनाए जो अंत तक उनका सर्वश्रेष्ठ निजी वनडे स्कोर रहा.

श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया. जिसे श्रीलंका के चामिंडा वास ने पहले ओवर में ही सदगोपन रमेश को बोल्ड आउट कर सही साबित करने की कोशिश भी की लेकिन इसके बाद पहले तीन ओवर में संभलकर खेलने के हाद गांगुली और राहुल द्रविड़ ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया. चौथे ओवर में दोनों ने एक एक चौका मारा और इसके बाद चुनिंदा शॉट्स लगाते हुए दस ओवर में ही टीम का स्कोर 67 तक पहुंचा दिया. तब तक दोनों ने ही एक भी छक्का नहीं लगाया था.
 
लेकिन 15वें ओवर तक राहुल द्रविड़ ने केवल 43 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया वही सौरव अपनी पारी धीरे-धीरे बढ़ा रहे थे. दोनों ने 17 ओवर में भारत के 100 रन पूरे किए. जबकि सौरव ने 23वें ओवर में 68 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. 27वें ओवर में भारत के 150 रन पूरे होने के बाद 32वें ओवर में सौरव गांगुली ने भारत के लिए पारी का पहला छक्का लगाया. 35वें ओवर में ही टीम का स्कोर 200 पार कराने के बाद राहुल द्रविड़ ने पहले 36वें ओवर में अपना शतक पूरा किया. इसके 39वें ओवर में अपना शतक पूरा कर लिया. 

दोनों की जुगल बंदी ने रच दिया था इतिहास
इसके बाद तो दोनों ने खुल कर खेलना शुरु कर दिया. पहले 41 वें ओवर में 250 रन, इसके बाद 45वें ओवर में ही दोनों ने टीम को स्कोर 300 पार करा दिया जिसके अगले ओवर में ही राहुल रन आउट हो गए और दोनों के बीच सबसे बड़ी पार्टनरशिप का रिकॉर्ड बना गया. उन्होंने 17 चौकों और एक छक्के की मदद से कुल 145 रन बनाए. उस समय तक गांगुली राहुल से आगे निकल कर अपना स्कोर 150 पार कर चुके थे.

इसके बाद भारत के विकेट गिरते रहे लेकिन गांगुली रन बनाते रहे. अंत में आखिरी ओवर की पांचवी गेंद पर सौरव आउट हो गए लेकिन उन्होंने कपिल देव का 175 रनों का रिकॉर्ड तोड़ डाला. सौरव 183 रन बनाकर आउट हुए. हालाकि सौरव गैरी कर्स्टन के 188 रनों के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए थे. लेकिन वे भारत के सबसे ज्यादा निजी स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज जरूर बन गए. 

अजहर जडेजा का रिकॉर्ड टूटा था तब
इसे मैच में सौरव और द्रविड के बीच उस समय का, किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी वनडे साझेदारी का रिकॉर्ड बना. दोनों ने भारत के ही मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय जडेजा के 275 रनों कार रिकॉर्ड तोड़ा जो दोनों ने 1997-98 के सत्र में बनाया था. दोनों ही इस मैच में खेले थे. भारत का भी यह  उस समय तक का सबसे बड़ा स्कोर था. जो कि 2007 के विश्वकप में ही टूटा था. 

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