लोकसभा में रेलवे अनुदानों पर विपक्ष के कटौती प्रस्ताव खारिज

नई दिल्ली : लोकसभा में वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय से संबंधित अनुदानों की मांगों पर विपक्ष द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव मंगलवार को ध्वनिमत से खारिज कर दिए गए।

 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने ‘वोट बैंक की राजनीति’ से ‘परफॉर्मेंस की राजनीति’ की ओर बदलाव किया है।

 

उन्होंने बताया कि पहले रेलवे को 24-25 हजार करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जो अब बढ़कर करीब 2.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस वृद्धि का श्रेय उन्होंने रेलवे बजट को सामान्य बजट में विलय करने के निर्णय को दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए 2.78 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है, जिसका लाभ लगभग सभी राज्यों को मिलेगा।

 

रेल मंत्री ने बताया कि 2024-25 में 1250 अतिरिक्त जनरल कोच जोड़े गए, जबकि चालू वित्त वर्ष में 860 जनरल कोच लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुल कोचों में 70 प्रतिशत हिस्सा जनरल और स्लीपर श्रेणी का है।

 

खर्चों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि रेलवे का सबसे बड़ा खर्च स्टाफ पर लगभग 1.19 लाख करोड़ रुपये है। इसके बाद ऊर्जा पर 32 हजार करोड़ रुपये, वित्तीय लागत पर 23 हजार करोड़ रुपये और पेंशन पर 64 हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं। विद्युतीकरण के कारण रेलवे को लगभग 6 हजार करोड़ रुपये की बचत भी हुई है।

 

उन्होंने कहा कि यात्री सुरक्षा, क्षमता विस्तार और नए स्टेशनों के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। रेल मंत्री के अनुसार, दुर्घटनाओं की संख्या में 90 प्रतिशत तक कमी आई है, हालांकि सुरक्षा के क्षेत्र में और प्रयास जारी रहेंगे।

 

केरल में परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां रेलवे परियोजनाओं के लिए 476 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, लेकिन अब तक केवल 65 हेक्टेयर (14 प्रतिशत) भूमि का ही अधिग्रहण हो सका है।

 

उन्होंने बताया कि रेलवे की शुरुआत से 2014 तक केवल 125 किलोमीटर सुरंगें बनाई गई थीं, जबकि 2014 के बाद 486 किलोमीटर सुरंगों का निर्माण किया गया है।

 

बुलेट ट्रेन परियोजनाओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक मानकों के अनुसार इसकी लागत लगभग 400 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर होती है। प्रस्तावित परियोजनाओं से दिल्ली-वाराणसी, दिल्ली-लखनऊ, वाराणसी-पटना, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद और हैदराबाद-चेन्नई के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।

 

उन्होंने यह भी कहा कि आगामी वर्षों में नासिक, उज्जैन, हरिद्वार, राजामुंद्री और कुंभकोणम में होने वाले प्रमुख कुंभ मेलों की तैयारियां भी रेलवे द्वारा तेजी से की जा रही हैं।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com